मजबूरी: क्वारंटाइन सेंटर पर सैनेटरी नैपकीन व शौचालय को परेशान बेटियां

Smart News Team, Last updated: 02/06/2020 09:16 PM IST
  • कोरोना वायरस की दहशत वैसे तो सबमें है, मगर इस खतरनाक महामारी की वजह से क्वारंटाइन सेंटर में लड़कियों और महिलाओं को कोविड-19 के अलावा भी एक मुसीबत से जूझना पड़ रहा है। क्वारंटाइन सेंटर में सैनेटरी नैपकीन और शौचालय को लेकर बेटियां और महिलाएं परेशान हैं।
प्रतीकात्मक तस्वीर

कोरोना वायरस की दहशत वैसे तो सबमें है, मगर इस खतरनाक महामारी की वजह से क्वारंटाइन सेंटर में लड़कियों और महिलाओं को कोविड-19 के अलावा भी एक मुसीबत से जूझना पड़ रहा है। क्वारंटाइन सेंटर में सैनेटरी नैपकीन और शौचालय को लेकर बेटियां और महिलाएं परेशान हैं। दरअसल, प्रवासी मजदूर और उनके परिवार के लिए पटना में क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है। उन्हें वहां पर रखा भी गया है। खाने और रहने की व्यवस्था भी पूरी है। लेकिन बेटियों और महिलाओं के लिए ना तो अलग से शौचालय की व्यवस्था की गई है और ना ही सैनेटरी नैपकीन ही उन्हें दिये गये हैं।

इससे महिलाओं और बेटियों को कई बार परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। यह स्थिति जिले के कई क्वारंटाइन सेंटर पर हैं। अब जब महिलाओं को जरूरत होती है तो वो क्वारंटाइन सेंटर पर मौजूद स्कूल शिक्षकों से सैनेटरी नैपकीन की मांग करती हैं। कभी तो उनकी जरूरत पूरी हो जाती है, जबकि कई बार उन्हें खाली हाथ लौटा दिया जाता है। महिलाओं ने बताया कि अंजान जगह होने से दुकान भी नहीं पता कि कहां से खरीदें। बाहर निकलने नहीं दिया जाता है।

पैसे नहीं जो खरीद ले

केवी सहाय हाई स्कूल में रह रही रितु देवी ने बताया कि हमें यहां पर रखा गया है। लेकिन हमारे पास पैसे नहीं हैं जो सैनेटरी नैपकीन खरीद सकें। वहीं पार्वती देवी ने बताया कि दो बेटी के साथ रह रही हूं। सबसे ज्यादा दिक्कतें सैनेटरी नैपकीन की है। इसके अलावा कई कोरेंटाइन सेंटर पर महिला शौचालय नहीं होने से परेशानी है।

पहला मामला

मीना देवी भीम राव अंबेडकर आवासीय विद्यालय पुनपुन क्वारंटाइन सेंटर पर पिछले दस दिनों से रह रही हैं। मीना देवी ने बताया कि खाने की सुविधा तो है। रहने का भी पूरा इंतजाम है। लेकिन हमें सैनेटरी नैपकीन नहीं मिलता है। इससे यहां पर रह रही कई लड़कियों को बहुत दिक्कतें हो रही हैं।

दूसरा मामला

बबिता देवी महादेवा हाई स्कूल खुसरूपुर क्वारंटाइन सेंटर पर 11 दिनों से है। बबीता देवी ने बताया कि यहां पर कई महिलाएं हैं। महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था नहीं है। यहां रह रही बेटियों को सबसे ज्यादा सैनेटरी नैपकीन की दिक्कतें हैं। हम लोगों ने कई बार मांग भी की लेकिन हमें नहीं मिला। शौचालय की भी दिक्कतें हैं।

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें