पटना के घाट रोशनी से नहाए, छठ पूजा की तैयारी पूरी, देखें फोटो

Smart News Team, Last updated: 18/11/2020 09:23 PM IST

छठ पर्व बिहार में बड़े उत्साह से मनाया जाता है इसकी तैयारी में लोग दिवाली खत्म होते ही करने लगते है. जिसको लेकर बिहार की राजधानी पटना के गंगा घाटों की सफाई और सजाने का काम पूरा कर लिया है. पटना के घाटों को छठ पूजा के लिए दुल्हन की तरह सजा दिया गया है.
छठ पूजा के नहाय खाय पर पटना के गंगा घाट को दुल्हन की तरह सजा दिया गया. बिहार में छठ पूजा को बड़े धूमधाम से से मनाया जाता है. जिसके लिए घाटों की सफाई हफ्तों पहले ही शुरू कर दिया जाता है। इस छठ पर्व में महिलाए परिवार के कल्याण के लिए बरत रखती है.
1/5 छठ पूजा के नहाय खाय पर पटना के गंगा घाट को दुल्हन की तरह सजा दिया गया. बिहार में छठ पूजा को बड़े धूमधाम से से मनाया जाता है. जिसके लिए घाटों की सफाई हफ्तों पहले ही शुरू कर दिया जाता है। इस छठ पर्व में महिलाए परिवार के कल्याण के लिए बरत रखती है.
छठ पर्व के पहले दिन को नहाया खाय कहा जाता है. इस दिन महिलाए शाम को स्नान करके सहकारी भोजन ग्रहण करती है. वहीं छठ पर्व के दूसरे दिन को खरना कहा जाता है. इस दिन महिलाए शाम को चावल और गुड़ के बने खीर का सेवन कर षष्ठी के दिन व्रत रहती है.
2/5 छठ पर्व के पहले दिन को नहाया खाय कहा जाता है. इस दिन महिलाए शाम को स्नान करके सहकारी भोजन ग्रहण करती है. वहीं छठ पर्व के दूसरे दिन को खरना कहा जाता है. इस दिन महिलाए शाम को चावल और गुड़ के बने खीर का सेवन कर षष्ठी के दिन व्रत रहती है.
छठ के तीसरे दिन को षष्ठी कहा जाता है. इस दिन वर्ती महिलाए बांस की टोकरी में बनाए गए प्रसाद और फलों को रखकर घाटों पर जाती है और डूबते हुए सूर्य की पूजा करती है. वहीं चौथे दिन उगते हुए सूर्य की पूजा करने के बाद ही यह व्रत सम्पन्न होता है.
3/5 छठ के तीसरे दिन को षष्ठी कहा जाता है. इस दिन वर्ती महिलाए बांस की टोकरी में बनाए गए प्रसाद और फलों को रखकर घाटों पर जाती है और डूबते हुए सूर्य की पूजा करती है. वहीं चौथे दिन उगते हुए सूर्य की पूजा करने के बाद ही यह व्रत सम्पन्न होता है.
छठ पर्व के नहाय खाय के दिन प्रशासन ने पटना के गंगा घाट को दुल्हन की तरह सजा दिया और छठ की पूरी तैयारी भी कर ली है.
4/5 छठ पर्व के नहाय खाय के दिन प्रशासन ने पटना के गंगा घाट को दुल्हन की तरह सजा दिया और छठ की पूरी तैयारी भी कर ली है.
प्रशासन ने न सिर्फ घाटों को सजाया बल्कि घाटों की तरफ आने वाले रस्टी को भी रौशनी से भर दिया है.
5/5 प्रशासन ने न सिर्फ घाटों को सजाया बल्कि घाटों की तरफ आने वाले रस्टी को भी रौशनी से भर दिया है.