पटना

शहीद सुनील हुए पंचतत्व में विलीन, अंतिम दर्शन करने को उमड़ा जनसैलाब, देखें फोटो

Smart News Team, Last updated: 18/06/2020 03:53 PM IST

  • लद्दाख के गलवान घाटी में चीनी सैनिकों से लोहा लेते हुए शहीद हुए पटना के सबूत सुनील कुमार आज पूरे राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हो गए। चीन के साथ हिंसक झड़प में शहीद हुए बिहटा के शहीद सुनील कुमार को आज यानी गुरुवार को अंतिम विदाई दी गई, जिसमें उन्हें श्रद्धांजलि देने और विदाई सलामी देने के लिए हल्दी छपड़ा के घाट पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। बुधवार की शाम में हवाई जहाज से शहीद सुनील के पार्थिव शरीर को पटना लाया गया था।
आज सुबह हल्दी छपरा घाट पर सेना, प्रशासनिक अधिकारियों और भारी जनसमूह की मौजूदगी में पूरे राजकीय सम्मान के साथ शहीद सुनील कुमार का अंतिम संस्कार हुआ।
1/7 आज सुबह हल्दी छपरा घाट पर सेना, प्रशासनिक अधिकारियों और भारी जनसमूह की मौजूदगी में पूरे राजकीय सम्मान के साथ शहीद सुनील कुमार का अंतिम संस्कार हुआ।
शहीद सुनील के अंतिम संस्कार में शामिल हुए स्थानीय लोग।
2/7 शहीद सुनील के अंतिम संस्कार में शामिल हुए स्थानीय लोग।
शहीद सुनील कुमार का पार्थिव शरीर गुरुवार की सुबह दानापुर छावनी से पैतृक गांव बिहटा के तारानगर ले जाया गया।
3/7 शहीद सुनील कुमार का पार्थिव शरीर गुरुवार की सुबह दानापुर छावनी से पैतृक गांव बिहटा के तारानगर ले जाया गया।
पैतृक गांव बिहटा के तारानगर से हल्दी छपरा घाट के लिए शव यात्रा निकाली गई।
4/7 पैतृक गांव बिहटा के तारानगर से हल्दी छपरा घाट के लिए शव यात्रा निकाली गई।
शहीद सुनील के अंतिम यात्रा के दौरान उनके अंतिम दर्शन करने के लिए पूरा गांव ही उमड़ पड़ा।
5/7 शहीद सुनील के अंतिम यात्रा के दौरान उनके अंतिम दर्शन करने के लिए पूरा गांव ही उमड़ पड़ा।
घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान तिरंगा फहरा रहा था और शहीद के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा था।
6/7 घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान तिरंगा फहरा रहा था और शहीद के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा था।
सुनील कुमार का पार्थिव शरीर गुरुवार की सुबह उनके घर सिकरिया के तारापुर गांव पहुंचा। जैस ही शहीद जवान का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा, पूरा गांव शहीद सुनील कुमार अमर रहें और भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा।
7/7 सुनील कुमार का पार्थिव शरीर गुरुवार की सुबह उनके घर सिकरिया के तारापुर गांव पहुंचा। जैस ही शहीद जवान का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा, पूरा गांव शहीद सुनील कुमार अमर रहें और भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा।