Bhai Dooj 2021: इस साल कब है भाई दूज, जानिए क्या है इस पूजा का महत्व

Priya Gupta, Last updated: Sat, 25th Sep 2021, 2:56 PM IST
  • इस साल भाई दूज का त्योहार 6 नवंबर को मनाया जाएगा. भाई दूज को यमद्वितिया भी कहा जाता है. इस दिन बहने अपने भाई की लंबी उम्र के लिए पूजा करती है और सलामती की कामना करती हैं.
इस साल कब है भाई दूज

दिवाली के बाद कार्तिक शुक्ल द्वितिया को भाई दूज मनाया जाता है. भाई दूज को यमद्वितिया भी कहा जाता है. इस दिन बहने अपने भाई की लंबी उम्र के लिए पूजा करती है और सलामती की कामना करती हैं. इस साल भाई दूज का त्योहार 6 नवंबर को मनाया जाएगा. हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, जो भाई इस दिन बहन के घर जाकर भोजन ग्रहण करता है और तिलक करवाता है, उसकी अकाल मृत्यु नहीं होती है.

भाई दूज के दिन सबह जल्दी उठ कर स्नान करें. स्नान करने के बाद अपने ईष्ट देव, भगवान विष्णु या गणेश की पूजा करें. इस दिन बहने अपने भाईयों के हाथों में सिंदूर और चावल का लेप लगाने के बाद उस पर पान के पांच पत्ते, सुपारी और चांदी का सिक्का रखती हैं. इसके बाद अपने भाई के हाथों में कलावा बांधते हुए दीर्घायु के लिए मंत्र पढ़ती हैं.

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कई जगह पर ये रिवाज अलग-अलग है कहीं- कहीं पर बहने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी आरती उतारती हैं और फिर कलाई पर कलावा बांधती हैं. फिर भाई का मुह मिठा करवाती हैं. इस दिन बहुत से भाई अपनी बहनों के घर जाकर भोजन भी करते हैं और उन्हें कुछउपहार भी देते हैं.ज्योतिषियों के मुताबिक, 6 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 56 मिनट से 03 बजकर 06 मिनट तक रहेगा. भाई दूज का त्योहार इसी अवधि में मनाना ज्यादा शुभ होगा.

पूजा विधि

भाईदूज की पूजन विधि भी काफी कुछ राखी की ही तरह है. इस दिन बहनें सुबह भगवान की पूजा के बाद अपने भाइयों के लिए पकवान तैयार करती हैं. भाई को तिलक करती हैं. मन में एक ही कामना होती है कि भगवान उनके भाई को हर संकट से बचाए. तिलक के बाद भाई की आरती की जाती है. भाई दूज पर भाई को पान खिलाने का भी दस्तूर है.

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