पटना के किसानों को मिलेगें जल्द बायोफोर्टिफाइड गेहूं, पायलट प्रोजेक्ट शुरू

Smart News Team, Last updated: 21/09/2020 03:00 PM IST
  • बिहार के किसानों को जल्द ही पोषक तत्वों से भरपूर फसल उगाने के लिए बीज और जैविक खाद दिए जाएंगे. बायोफोर्टिफाइड गेंहू विकसित करने के लिए पहला मॉडल गांव कुकरीबिगहा को चुना गया है. जिसके बाद राज्य में कुपोषण जैसी समस्या से लड़ने में सहायता मिलेगी. 
पटना के किसानों को मिलेगें जल्द बायोफोर्टिफाइड गेहूं.

पटना. बिहार के किसानों को जल्द ही पोषक तत्वों से भरपूर गेहूं और अनाज उगाने के लिए बीज मिलेंगे. राज्य कृषि विभाग की पहले के बाद कुपोषण जैसी समस्या से निपटने के लिए पोषण से भरपूर फसलों को प्रोत्साहित किया जाएगा.

पटना के बाहरी इलाकों के लगभग 18 सौ किसान रबी सीजन में बायोफोर्टिफाइड गेंहू की खेती करेंगे. बिहार के कृषि मंत्री प्रेम कुमार देश के ग्रामीण विकास परिषद की चर्चित योजना की तरफ से अच्छी क्वालिटी के बायोफोर्टिफाइड गेहूं विकसित करने के लिए पहले मॉडल गांव के रूप में कुकरीबिगहा गांव को चुना गया है.

कृषि मंत्री ने कहा कि मेरे गृह नगर गया के एक गांव में भी बायोफोर्टिफाइड बीजों की खेती शुरू की जाएगी. इसके लिए जल्द ही सभी औपचारिकताओं को पूरा किया जाएगा. 

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कोरोना काल में राज्य में भोजन और पोषण से जुड़ी असुरक्षा को सामने ला दिया है. बच्चों में कुपोषण की समस्याओं से निपटने के लिए बायोफोर्टिफाइड अनाज बहुत मददगार साबित हो सकते हैं. कृषि मंत्री ने कहा कि मॉडल गांव में इसके सफल होने के बाद पूरे राज्य में इस तरह खेती को बढ़ावा दिया जाएगा.  

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कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों के लिए खेती करने और फसल तैयार करने के लिए चीजों की जरुरत होती है जिसमें जैविक खाद और यांत्रिक उपकरणों के साथ बीजों को भी मुफ्त में दिया जाएगा. 

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