बिहार में नीतीश सरकार की नई पहल, मजदूरों के मोबाइल पर पहुंचेगा रोजगार का संदेश

Smart News Team, Last updated: 03/06/2020 02:53 PM IST
  • अप्रवासी मजदूरों की सुविधा के लिए एनआईसी तैयार कर रहा नया मोबाइल एप जिसके जरिए मोबाइल संदेश से कामगारों को पता चलेगा काम का विकल्प।
बिहार सरकार एनआईसी से एक एप बनवा रही है जिससे मजदूरों को उनके कौशल के मुताबिक रोजगार के मौके मुहैया कराए जाएंगे

पटना। राजकुमार शर्मा

लॉकडाउन के चलते लाखों की संख्या में बिहार लौट रहे कामगारों के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार उनको रोजगार दिलाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। आने वाले दिनों में इन कामगारों के मोबाइल पर रोजगार संबंधी संदेश पहुंचेंगे। इस संदेश के जरिए वे जान सकेंगे कि उनकी योग्यता के अनुसार उनके आसपास रोजगार के कौन-कौन से विकल्प उपलब्ध हैं। इसके लिए एनआईसी द्वारा एक नया मोबाइल एप विकसित किया जा रहा है।

अप्रवासी कामगारों को यहीं रोकने के लिए कई स्तर पर कवायद की जा रही है। सरकार अब नियोक्ताओं और कामगारों के बीच सेतु का काम करेगी। इन श्रमिकों के बिहार आते ही उन्हें क्वारंटाइन करने के साथ ही स्किल मैपिंग कराई जा रही है। इस मैपिंग के आधार पर हर कामगार का पूरा डाटा तैयार हो रहा है। मसलन वो कहां से आया है। किस सेक्टर में काम करता है। कितने साल का अनुभव है। कुशल, अर्द्ध कुशल या अकुशल किस श्रेणी का है।

इसके अलावा यह भी पूछा जा रहा है कि वो यहां नौकरी करने का इच्छुक है या फिर अपना व्यवसाय करने का। एक ओर राज्य सरकार द्वारा श्रम साधन पोर्टल के जरिए सभी नियोक्ताओं का पंजीकरण कराया जा रहा है। इस पोर्टल पर सभी नियोक्ताओं ने पंजीकरण कराने के साथ ही रिक्तियों की सूची डालनी भी शुरू कर दी है।

एनआईसी द्वारा तैयार किए जा रहे मोबाइल एप्लीकेशन से नियोक्ताओं और कामगारों दोनों को सुविधा होगी। कामगारों को अपने स्किल के अनुरूप रोजगार के स्थानों का पता चल जाएगा, वहीं नियोक्ता को भी अपनी जरूरत के हिसाब से श्रमिक मिल जाएंगे। नियोक्ताओं द्वारा भेजे जाने वाले काम के प्रस्ताव पर श्रमिक मोबाइल पर ही अपनी सहमति भी दे सकेंगे। यह विकल्प भी एनआईसी द्वारा तैयार किए जा रहे मोबाइल एप में होगा। एनआईसी से जुड़े सूत्र बताते हैं कि स्किल मैपिंग और श्रम साधन पोर्टल पर नियोक्ताओं का पंजीकरण पूरा होते ही नई मोबाइल एप्लीकेशन अमल में आ जाएगी।

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