'तख्त श्री पटना साहिब' से जुड़ी है गुरू गोबिंद सिंह के बचपन की हजारों कहानियां..

Smart News Team, Last updated: Sun, 4th Jul 2021, 10:34 AM IST
  • तख्त श्री हरिमंदिर जी, पटना साहिब को दूसरा सबसे पवित्र तख्त माना जाता है. गुरु गोविंद सिंह ने यहां जन्म तो लिया ही था, साथ ही उनका बचपन भी इसी जगह पर गुजरा था.
गुरु गोविंद सिंह ने यहां जन्म तो लिया ही था, साथ ही उनका बचपन भी इसी जगह पर गुजरा था. (Pic Credit: Bihar Government Tourism)

सिख इतिहास में पंजाब और दिल्ली का जितना महत्व है उतना ही महत्व पटना साहिब का भी है. दरअसल, यहां सिखों के दसवें गुरू, गुरु गोबिंद सिंह का जन्म हुआ था, ऐसे में तख्त श्री हरिमंदिर जी, पटना साहिब को दूसरा सबसे पवित्र तख्त माना जाता है. गुरु गोविंद सिंह ने यहां जन्म तो लिया ही था, साथ ही उनका बचपन भी इसी जगह पर गुजरा था. कहा जाता है कि सिखों के तीन गुरुओं के चरण भी इस धरती पर पड़े थे, ऐसे में देश व दुनिया के तमाम सिख संप्रदाय के लिए पटना साहिब आस्था का केंद्र रहा है.

तख्त श्री पटना साहिब को महाराजा रंजीत सिंह ने बनवाया था. इस जगह को हरमंदिर साहिब के नाम से भी जाना जाता है. कहा जाता है कि यहां आज भी गुरु गोबिंद सिंह की वह छोटी कृपाण है, जो बचपन में वह धारण किया करते थे. यहां आने वाले श्रद्धालु गुरु गोबिंद सिंह के बघनख खंज और उनके छोटे लोहे के चक्र के दर्शन करना बिल्कुल भी नहीं भूलते हैं. इसके साथ ही गुरु तेग बहादुर की चंदन की लकड़ी की खड़ाऊं भी यहां रखी हुई है.

 

यहां आज भी गुरु गोबिंद सिंह की वह छोटी कृपाण है, जो बचपन में वह धारण किया करते थे. (Pic Credit: Bihar Government Tourism)

तख्त श्री पटना साहिब गुरुद्वारे की चौथी मंजिल में पुरातन हस्तलिपि और पत्थर के छाप की पुरानी बड़ी गुरु ग्रंथ साहिब की प्रति को भी खूब संभालकर रखा गया है. बताया जाता है कि इसपर गुरु गोविंद सिंह जी महाराज ने तीर की नोंक से केसर के साथ मूल मंत्र लिखा था.

तख्त श्री पटना साहिब गुरुद्वारा मीठापुर में स्थित है. यूं तो गुरुद्वारे के सबसे नजदीक पड़ने वाला रेलवे स्टेशन राजेंद्र नगर टर्मिनल है, लेकिन यदि आप एक्सप्रेस ट्रेन से यहां आ रहे हैं तो पटना जंक्शन सबसे बेस्ट रहता है. वहीं हवाई मार्ग के लिए गुरुद्वारे का सबसे निकटतम एयरपोर्ट जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल एयरपोर्ट है, जहां से टैक्सी या ऑटो कर गुरुद्वारे तक पहुंचा जा सकता है.

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