पटना: केंद्र के निर्देशों पर पशुओं को टैग लगाने के लिए चलेगा अभियान

Smart News Team, Last updated: 22/11/2020 02:02 PM IST
  • राज्‍य और केंद्र की सरकारें पशुपालकों की बेहतरी के लिए कई किस्‍म की योजनाएं चलाती रहती हैं. एक बार सर्वे पूरा होने पर सही हकदार तक इन योजनाओं का लाभ पहुंचाने में आसानी रहती है. पशुओं की टैगिंग होने से टीकाकरण जैसे अभियान में भी सही तरीके से काम हो सकेगा.
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पटना. केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार की ओर से पशुओं को टैग लगाने का अभियान चलाया जा रहा है. पिछले एक माह से यह अभियान चलाया जा रहा है लेकिन चुनावों की गहमा-गहमी और छठ के कारण यह अभियान थम सा गया था. अब इस अभियान में तेजी आने का सामान है. पटना सदर में इस अभियान के प्रभारी डॉ. जितेंद्र कुमार हैं. उनका कहना है कि सरकार चाहती है कि हर दुधारू पशु की टैंगिंग की जाए. इसी के तहत राजधानी में प्रत्येक दुधारू पशुओं का सर्वे करवाना चाहती है. पशुओं की टैगिंग होने से सरकारी योजनाओं का लाभ पशुपालकों तक पहुंचाने में आसानी होगी.

चिकित्सकों का कहना है कि पशुओं की टैगिंग अभियान में पशुपालक कम रूचि ले रहे हैं. पशुपालन विभाग की चिकित्सा टीम उनके दरवाजे तक जाती है, लेकिन वे पशुओं का टैगिंग में रुचि नहीं दिखा रहे हैं. अगर पशुपालक टैगिंग कराने के लिए आगे आएं, तो इस अभियान को काफी प्रोत्साहन मिल सकता है. केंद्र के दिशा-निर्देशों के तहत ही गाय-भैंसों को टैग लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है. इससे दुधारू पशुओं की सही संख्या का पता चल सकेगा और सरकार को अपनी योजना बनाना आसान हो जाएगा. इससे सरकार को अपनी आगे की नीति बनाने में सुविधा होगी. इसके साथ ही समय-समय पर टीकाकरण करने की जरूरत भी पूरी हो जाएगी.

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सरकार द्वारा समय समय पर पशुओं के लिए करवाए जाने वाले कार्यक्रम की तैयारी में भी पशुओं की सही संख्या पता होने पर दिक्कतें पेश नहीं आंएगी. डॉ. जितेंद्र की मानें तो यह अभियान एक माह से चलाया जा रहा है और अब तक जिले में 27 हजार गाय-भैंसों का टैगिंग हुई है, लेकिन छठ के बाद अब इस अभियान में और तेजी लाई जाएगी. उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश है कि नवंबर के अंत तक प्रखंड की सभी गाय-भैंसों की टैगिंग करा ली जाए.

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