Chhath Puja 2021: छठ पूजा में क्यों बनता है कद्दू भात का प्रसाद, क्या है नहाय खाय की सही विधि

Pallawi Kumari, Last updated: Mon, 8th Nov 2021, 6:21 AM IST
  • आज 8 नवंबर से छठ पूजा का विधान शुरू हो गया है. चार दिनों तक चलने वाले छठ पूजा की शुरुआत नहाय खाय से होती है. नहाय खाय के दिन कद्दू भात का प्रसाद बनाया जाता है. आइये जानते हैं छठ पूजा में क्य़ों बनता है कद्दू भात का प्रसाद और क्या है नहाय खाय करने का सही तरीका.
छठ पूजा के नहाय खाय में कद्दू भात के प्रसाद का महत्व.

देशभर में मनाया जाने वाले लोक आस्था का त्योहार छठ पूजा की शुरुआत सोमवार 8 नवंबर से हो चुकी है. चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व का आज पहला दिन है. पहले दिन नहाय की विधि होती है और इसके अगले दिन खरना व्रत किया जाता है. छठ पूजा हिंदूओं के सबसे खास और कठिन व्रतों में एक माना जाता है.  नहाय खाय के दिन कद्दू/ लौकी और भात का प्रसाद बनता है. इस प्रसाद को खाने के बाद ही व्रती छठ व्रत की शुरुआत करती है.

नहाय खाय के दिन क्या करें- आज सुबह उठकर स्नान करें और घर की अच्छी से साफ सफाई कर लें. नहाने के बाद नई साड़ी पहनें. सूर्य देव की उपासना करें. इस दिन माथे पर पीला सिंदूर लगाए. घऱ के अन्य सदस्य भी नहा धोकर स्वस्छ हो जाएं. इसके बाद छठ पूजा के प्रसाद की तैयारी करें. नहाय खाय के दिन चनादाल कद्दू की सब्जी, साग और अरवा चावल का भात प्रसाद के रूप में बनाया जाता है. इन सभी प्रसाद को मिट्टी के चूल्हें पर बनाएं. क्योंकि मिट्टी का चूल्हा पवित्र माना जाता है. इस दिन बनने वाले खाने में सेंधा नमक का इस्तेमाल किया जाता है. व्रती के साथ साथ घर के अन्य लोग भी यही भोजन करेंगे.

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नहाय खाय के दिन से ही घर में हे छठी मईया के गीत बजने लगते हैं और चारों ओर उत्सवी और भक्तिमय हो जाता है. बाजारों से लेकर घरों तक छठ पर्व की रौनक बढ़ जाती है. आज नहाय खास की विधि पूरी होने के बाद कल मंगलवार को खरना पूजा की जाएगी. खरना करने का मुहूर्त शाम 5 बजकर 45 मिनट से 6 बजकर 25 मिनट तक है. इस दिन खीर और पूरी का प्रसाद बनाया जाता है.

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