Chhath Puja 2021: उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न हुआ लोक आस्था का चार दिवसीय महापर्व छठ

Pallawi Kumari, Last updated: Thu, 11th Nov 2021, 7:53 AM IST
  • महापर्व छठ पूजा के अंतिम दिन आज व्रतियों ने उगते सूर्य को भोर का अर्घ्य दिया और इसी के साथ छठ पूजा का समापन हुआ. इसके बाद व्रती पारण कर 36 घंटों का निर्जला व्रत खोलेगी.
उदयीमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद संपन्न हुआ महापर्व छठ.

लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा नहाय खाय के साथ शुरू होकर पूरे चार दिनों तक पूरे भक्तिभाव और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. खरना और संध्या अर्घ्य के बाद आज उदयीमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही छठ महापर्व का संपन्न हुआ. चार दिनों तक घर घर छठ पूजा की धूम देखी गई. वैसे तो छठ पूजा खास कर बिहार का त्योहार माना जाता है. लेकिन अब छठ पूजा का प्रचलन देशभर में देखने को मिलता है. दिल्ली, मुंबई, कर्नाटक और उडीसा सहित देशभर में छठ की धूमधाम देखी गई. छठ पूजा अब सिर्फ बिहार तक ही सीमित नहीं रह गया बल्कि अपनी श्रद्धा और आस्था के कारण यह अब ग्लोबल फेस्टिवल बन गया है.

आज उदयीमान सूर्य को अर्घ्य देने के लिए व्रती और श्रद्धातु सुबह 4 बजे से ही छठ घाट पहुंचते हैं और उगते सूर्य को भोर का अर्घ्य दिया जाता है. इसे उषा अर्घ्य भी कहा जाता है. अर्घ्य देने के बाद छठी मईया और सूर्यदेव की उपासना की जाती है और आखिरी में हवन किया जाता है. छठ के आखिरी दिन व्रती और श्रद्धालुओं ने सूर्य देव को अर्घ्य दिया और सुख समृद्धि की कामना की. व्रतियों ने छठ मईया से मनोकामना मांगी और अगले साल फिर से छठ पर्व का अनुष्ठान करने का प्रण लिया.

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सुबह अर्घ्य देने के बाद अब पारण किया जाएगा. व्रती पारण के साथ ही 36 घंटे का निर्जला व्रत खोलेगी. छठ के दिन पारण में भी खास तरह के पकवान बनाए जाते हैं. इससे सबसे पहले व्रती खाती है उसके बाद  ही घर के बाकी लोग इसे ग्रहण करते हैं.

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