Chhath puja 2021: कोरोना काल में इन तरीकों से मनाए छठ पूजा, सूर्यदेव को ऐसे दें अर्घ्य

Priya Gupta, Last updated: Sun, 31st Oct 2021, 1:56 PM IST
  • छठ पर महिलाएं सूर्यदेव और छठी मैया को प्रसन्न करने के लिए 36 घंटे का निर्जला व्रत रखती हैं और संतान प्राप्ति व बच्चों की लंबी उम्र की कामना करती हैं.
कोरोना काल में इन तरीकों से मना सकते हैं छठ

छठ पूजा का महापर्व बिहार झारखंड और यूपी के कुछ राज्यों में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है. 4 दिनों के इस त्योहार में कई नियमों का पालन करना होता है. इस छठ पूजा को महापर्व इसलिए भी कहा जाता है क्योंकि ये पर्व बहुत ही कठिन होता है इसमें 36 घंटे फास्ट रखना होता है. छठ पर महिलाएं सूर्यदेव और छठी मैया को प्रसन्न करने के लिए 36 घंटे का निर्जला व्रत रखती हैं और संतान प्राप्ति व बच्चों की लंबी उम्र की कामना करती हैं.

पिछले दो सालों से छठ पूजा में कई तरह के बदलाव देखें गए हैं, कोरोना के कारण भीड़ से बचने के लिए लोग नए तरीके से पूजा कर रहे हैं. हालांकि कोरोना के कारण कई तालाब पर सार्वजनिक तरीके से भीड़ करना मना ही कर दिया गया है. लेकिन अब घर पर ही अर्घ्य दे सकते हैं. आज हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताएंगे, जिनकी मदद से आप घर पर ही सूर्यदेव को अर्घ्य दे सकेंगे.

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बाजार से खरीदें बाथटब

छठ पर्व पर कोरोना से बचने के लिए आप घर में ही कृत्रिम तालाब बना सकते हैं. इसके लिए बाजार में कई तरह के बाथटब (Bathtub) उपलब्ध हैं. ये बाथटब आपको 500 से 1500 रुपये की कीमत के बीच मिल जाएंगे. बाथटब के इस्तेमाल से आप कोरोना संक्रमण और भीड़भाड़ से बच सकते हैं. साथ ही छठ पर्व का भी पूरा आनंद उठा सकते हैं.

घर के आंगन या छत पर बनाएं कृत्रिम तालाब

अगर आप ग्रामीण इलाके में रहते हैं तो अपने आंगन या छत पर ईंटें रखकर उनपर तिरपाल और प्लास्टिक बिछाकर कृत्रिम तालाब बना सकते हैं. इस तरीके का इस्तेमाल कर आप कोरोना से भी बच सकते हैं और विधि-विधान से पूजा भी कर सकते हैं.

विभिन्न परंपराओं के पर्व छठ पर आपको कोरोना वायरस की वजह से उदास होने की जरूरत नहीं है. मन में श्रद्धा रखते हुए अपने-अपनों के साथ इस पर्व को हंसी-खुशी मनाइए. हालांकि, भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से बचें.

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