Chhath Puja 2021: पटना, मुजफ्फरपुर छठ पूजा में सुबह अर्घ्य का समय और पूजा विधि

Anurag Gupta1, Last updated: Tue, 14th Dec 2021, 5:10 PM IST
  • छठ पूजा 8 नवंबर से शुरू हो जाएगा. 9 नवंबर खरना, 10 नवंबर को सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा और अंत में 11 नवंबर की सुबह सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा. अर्घ्य देने का शुभ समय सुबह 6:40 पर है और सूर्यास्त शाम को 5:30 पर होगा.
सूर्य देव को अर्घ्य देती महिलाएं (फाइल फोटो)

लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा की शुरुआत नहाय-खाय के साथ होती है. हिंदू पंचांग के अनुसार छठ पूजा कार्तिक माह की षष्ठी से शुरू हो जाता है. छठ त्योहार चार दिनों तक चलता है. इस साल दिवाली 4 नवंबर को पड़ी थी उस हिसाब से छठ पर्व 8 तारीख से शुरू हो रहा है. 9 नवंबर के दिन खरना, 10 नवंबर को सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा और अंत में 11 नवंबर की सुबह सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही यह पर्व समाप्त हो जाएगा.

Chhath Puja 2021: छठ पूजा की तैयारियां शुरू, जानें नहाय खाय की डेट और मुहूर्त

पूजा विधि:

नहाय खाय की सुबह गंगा स्‍नान या किसी नदी-तालाब में स्नान करने के बाद सूर्य पूजा के साथ व्रत की शुरुआत करते हैं. नहाय खाय के दिन व्रती चना दाल के साथ कद्दू की सब्जी और चावल तैयार करते हैं और इसे ही खाया जाता है. इसके अगले दिन खरना किया जाता है. खरना में व्रती पूरे दिन निराहार रहकर शाम में मिट्टी के चूल्हे पर गुड़ और चावल की खीर, पूरी बनाकर छठ मैय्या को भोग लगाते हैं. इसी प्रसाद को खाकर व्रती छठ व्रत समाप्त होने तक निराहार रहकर व्रत का पालन करते हैं. खरना के अगले दिन अस्तगामी सूर्य को नदी, तलाब के किनारे अर्घ्य दिया जाता है इसके साथ ही व्रती 36 घंटे के निर्जला व्रत को प्रारंभ करते हैं. नहाय खाए के साथ व्रत रखने वाला सभी तरह के लोभ, मोह को त्याग कर ध्यान करने और पूजा पाठ करने में लग जाता है.

अर्घ्य का शुभ मुहूर्त:

सूर्योदय का समय सुबह 6 बजकर 40 मिनट.

सूर्यास्त समय शाम 5:30

छठ पर्व की कहानी:

वैसे तो छठ पर्व लोग पुत्र की प्राप्ती, सलामती और लंबी आयु के लिए करते है. लेकिन एक मान्यता है राम जी की लंका पर विजय के बाद की. मान्यता है रामराज्य की स्थापना के दिन कार्तिक शुक्ल षष्ठी को भगवान राम और माता सीता ने उपवास किया और सूर्यदेव की पूजा की. सप्तमी को सूर्योदय के वक्त फिर से अनुष्ठान कर सूर्यदेव से आशीर्वाद प्राप्त किया था.

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