पटना: महिला थाने में सर्वाधिक दर्ज कराए जा रहे दहेज उत्पीड़न व इससे जुड़े मामले

Smart News Team, Last updated: 11/12/2020 02:35 PM IST
  • आंकड़ों के मुताबिक महिला थानों में अब तक 302 मामले दर्ज हुए हैं और ज्यादातर मामलों को काउंसलिंग के जरिए ही सुलझाया गया है. महिला थाना प्रभारी के मुताबिक ऐसे मामलों कोशिश यही रहती है कि सुलह करवाकर ही घर को उजड़ने से बचाया जाए
दहेज उत्पीडन

पटना. महिलाओं के लिए शुरू किए गए महिला थाने और महिला हेल्पलाइन नंबर पर सर्वाधिक मामले दहेज उत्पीड़न और इससे जुड़े ही सामने आ रहे हैं. मिली जानकारी मुताबिक सिर्फ दहेज के 302 मामले दर्ज हो चुके हैं. इनमें से ज्यादातर मामलों को काउंसिलिंग के जरिए ही सुलझाया जा रहा है. कोशिश यही की जाती है कि ऐसे मामलों में दोनों पक्षों में सुलह कराई जाए और घर खराब होने से बचाया जा सके.

इस संबंध में जानकारी देते हुए थाना प्रभारी और हेल्पलाइन काउंसलर के अनुसार इस साल दर्ज कराए गए मामलों में से ज्यादातर मामलों को सुलझा लिया गया है. आंकड़ों के मुताबिक ज्यादातर मामले घरेलु हिंसा व दहेज उत्पीड़न के ही सामने आए हैं. महिला थाना प्रभारी आरती जायसवाल के अनुसार इन दिनों थाने में सबसे ज्यादा शिकायतें घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न से जुड़े आ रहे हैं. हमारी कोशिश होती है कि काउंसिलिंग के माध्यम से सबका घर बस जाए और ऐसे मामले जल्द से जल्द हल किया जाए. 

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महिला थाना प्रभारी के मुताबिक दहेज से जुड़े प्रत्येक मामलों में पहले समझौते का प्रयास किया जाता है, जिससे किसी का घर न उजड़े. महिलाओं को महफूज रखने के लिए हर थाने में काउंसिलिंग सेंटर बनाए गए हैं. महिलाओं की मदद के लिए सरकारी स्तर पर महिला थाना और महिला हेल्पलाइन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं. जहां महिलाएं अपनी किसी भी प्रकार की शिकायत दर्ज करा सकती हैं. यहां उन्हें यथासंभव मदद देने की कोशिश की जाती है. महिला थाने में हर महिला को शिकायत करने के लिए उचित माहौल उपलब्ध कराया जाता है ताकि उन्हें अपनी बात सामने रखने में हिचकिचाहट ना हो. 

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