Navratri 2021 Kanya Pujan: नवमी को कन्या पूजन करने के जानें नियम, पढ़ें इसके पीछे की रोचक कहानी

Priya Gupta, Last updated: Thu, 14th Oct 2021, 9:40 AM IST
  • कन्या पूजन में काफी बातों का ध्यान रखना होता है. विधि-विधान से पूजा की जाती है. उन्हें सम्मान के साथ प्रसाद खिलाया जाता है पैर पूजा जाता है.
Navratri 2021 Kanya Pujan

नवरात्रि में अष्टमी और नौवमी को माता का भंडारा का आयोजन किया जाता है. वहीं अष्टमी और नवमी को कन्या पूजन की भी परंपरा है. इस पूजा का विशेष महत्व है. कन्या पूजन से माता रानी प्रसन्न होती हैं. छोटी कन्या को मां दुर्गा का स्वरूप माना गया है. कन्या पूजन में काफी बातों का ध्यान रखना होता है. विधि-विधान से पूजा की जाती है. उन्हें सम्मान के साथ प्रसाद खिलाया जाता है पैर पूजा जाता है. अपनी श्रद्धा से पैसा या वस्त्र दे सकते हैं. श्रीदुर्गा मां के भक्त अष्टमी और नवमी को कन्याओं को भोजन कराते हैं, जिससे मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं.

इस पूजन के पीछे है कहानी

कहा जाता है कि ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की, जिसमें देवी-देवता, असुर और मानव की उत्पत्ति की. मनुष्य शुरू से ही देवियों की आराधना करते थे और स्त्री जाति का सम्मान करते थे.

इसलिए मनुष्य विशेष शक्तिशाली थे. देवता भी मनुष्यों पर निर्भर थे, कि जब वे यज्ञ हवन करेंगे, तो उन्हें शक्ति मिलेगी. वहीं राक्षस भी मनुष्य से खुद को कमजोर महसूस करते थे. इसलिए देवता और राक्षस ब्रह्मा जी के पास पहुंचे और कहा कि मनुष्य को आपने शक्तिशाली बना दिया है, हम उनके सामने खुद को कमजोर महसूस करते हैं. ब्रह्मा जी ने कहा कि इसमें कुछ नहीं हो सकता है और दोनों को जाने के लिए कहा.

Vijayadashami 2021: इस बार दशहरे पर बन रहे तीन शुभ योग, होगा लाभ ही लाभ

मनुष्य को इस बात का घमंड हो गया, जिसके बाद मनुष्य ने देवी आराधना करना बंद कर दिया और स्त्री जाति का मान सम्मान करना कम कर दिया. जिससे मनुष्य लगातार कमजोर होता चला गया. फिर देवता और राक्षष मनुष्य से अधिक बलशाली हो गए. मनुष्य ब्रह्मा जी के पास पहुंचे और अपनी स्थिति बताई. जिसके बाद ब्रह्मा जी ने मनुष्य को बताया कि स्त्री का सम्मान करो, उनकी पूजा करो, तो खोई हुईं शक्तियां मिल जाएंगी. तभी से ये कन्या पूजन की प्रथा आरंभ हुई.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें