पटना में आठवें बिहार विज्ञान सम्मेलन और नाट्य उत्सव का आज आखिरी दिन

Smart News Team, Last updated: 05/12/2020 12:21 PM IST
  • बिहार विश्वविद्यालय की ओर से पटना में चल रहे बिहार विज्ञान सम्मेलन में विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं. छतों पर सोलर पैनल लगाने और ग्रीन हाउस इफेक्टर के बारे में बताया गया.
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय

पटना. पटना में आठवें बिहार विज्ञान सम्मेलन और नाट्य उत्सव का आज आखिरी दिन है. पटना विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित हो रहे आठवें बिहार विज्ञान सम्मेलन का समापन शनिवार को हो जाएगा. शनिवार को ही कालिदास रंगालय में चल रहे नाट्य उत्‍सव का भी समापन हो जाएगा. नाट्य उत्‍सव में आज भी बेहतरीन नाटक दिखाया जाएगा।इसमें देश-विदेश के वैज्ञानिक शामिल हो रहे हैं. समापन समारोह में नोवेशन एंड इंटरप्राइज क्रिएशन पर एक विशेष व्याख्यान होगा. इसमें नेशनल इनोवेशन फाउडेशन नई दिल्ली के निदेशक डॉ. बिपिन कुमार, बिहार विद्यापीठ इंक्यूबेशन सेंटर के अध्यक्ष विजय प्रकाश, प्रशांत प्रियदर्शी शिरकत करेंगे. 

शुक्रवार को कार्यक्रम में एसएके इंस्टीट्यूट ऑफ ग्लोबल एग्रीकल्चर ट्रांसफर के निदेशक प्रो. अजय कुमार झा ने कहा कि ग्रीन हाउस इफेक्ट का उपयोग करते हुए घर की छतों पर सोलर पैनल लगाना बेहतर है. स्कूल ऑफ इनवायरमेंटल साइंस, जाधवपुर विवि के निदेशक प्रो. तरीत राय चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि, ग्राउंड वाटर में आर्सेनिक की मिलावट के कारण चावल की गुणवत्ता में कमी आई है. इसके कारण मानव शरीर पर प्रभाव पड़ रहा है. लखनऊ विवि के भौतिकी विभाग के प्रो. एनके पांडेय ने विभिन्न सेंसर के उपयोग पर प्रकाश डाला. कार्यक्रम का संचालन प्रो. मनीष कुमार झा, प्रो. वीरेंद्र प्रसाद, प्रो. रजनीश कुमार की ओर से किया गया. धन्यवाद ज्ञापन विभूति विक्रमादित्य ने किया.

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उन्होंने कहा कि आद्रता व तापमान में बदलाव पर भी सेंसर की गुणवत्ता और कार्यक्षमता की स्थिरता के लिए मौलिक शोध हुआ है, जो बेहतर है. कार्यक्रम में आईआईटी पटना के प्रो. नवीन निश्चल, साउथ कोरिया के प्रो. संतोष कुमार ने ऑनलाइन व्याख्यान दिया. इस मौके पर प्रो. परिमल खान, प्रो. डीके पाल, डॉ. अशोक कुमार झा, डॉ. अभय कुमार, डॉ. शंकर कुमार, डॉ. सुनीता सुरभी प्रसाद मौजूद रहे. 

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