इस दिन है पुत्रदा एकादशी, पुत्र प्राप्ति के लिए दंपति जरूर रखें ये व्रत

Smart News Team, Last updated: Mon, 16th Aug 2021, 8:38 AM IST
  • एकादशी का व्रत हिंदू धर्म में बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दिन जो भी भक्त विधि-विधान से व्रत रखते हैं, और पूजा-अर्चना करते हैं. उन पर भगवान विष्णु की कृपा बरसती है.
एकादशी व्रत 2021

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का बेहद ही महत्व होता है, ये व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है. हर महीने में दो बार एकादशी का व्रत आता है. सावन के महीने में शुक्ल पक्ष को जो एकादशी पड़ती है उसे पुत्रदा एकादशी के नाम से जाना जाता है. इस बार 18 अगस्त को सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत पड़ रहा है. इस दिन विधि-विधान से व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की जाती है. इस व्रत के पीछ ऐसी भी मान्यता है कि जो लोग इस दिन व्रत रखते हैं, और श्रद्धापूर्ण भाव से पूजा करते हैं भगवान विष्णु उनको संतान प्राप्ति के सुख से नवाजते हैं. ऐसे में ये जानना बेहद जरूरी है कि इस व्रत का निया क्या है और क्या पूजा विधि है.

ये है पुत्रदा एकादशी व्रत का शुभ मुहूर्त

बुधवार 18 अगस्त 2021 को 3 बजकर 20 मिनट से पुत्रदा एकादशी व्रत प्रारंभ होगा.

गुरुवार 19 अगस्त 2021 को रात 1 बजकर 5 मिनट पर पुत्रदा एकादशी व्रत समापन होगा

गुरुवार 19 अगस्त 2021 सुबहद 6 बजकर 32 मिनट से सुबह 8 बजकर 29 मिनट तक पुत्रदा एकादशी पारण समय रहने वाला है.

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ये है पुत्रदा एकादशी की पूजा विधि

सूर्योदय से पूर्व उठकर इस व्रत के दिन स्नान आदि कर लेना चाहिए, उसके बाद एकादशी व्रत का संकल्प लेना चाहिए. उसके बाद भगवान विष्णु की पूजा और आरती विधि- विधान से करें. पूला फल, पीले पुष्प, पंचामृत, तुलसी आदि उसके बाद भगवान विष्णु को समर्पित करें. साथ ही भगवान विष्णु से संतान की प्राप्ति के लिए मन्नतें करें. एक बाद का विशेष ध्यान रखना चाहिए अगर आप संतान सुख की प्राप्ति चाहते हैं तो इस व्रत को पति-पत्नी दोनों को रखना चाहिए. इस दिन भगवान कृष्ण के बाल रूप की भी पूजा करनी चाहिए. पंचामृत भगवान कृष्ण को बहुत ज्यादा पसंद होता है ऐसे में अगर आप उनको इसका भोग लगाएंगे तो काफी शुभ होगा. 

ये है व्रत का नियम

जिस दिन एकादशी का व्रत रखें उस दिन चावल का सेवन बिलकुल भी ना करें. साथ ही इस दिन रात्रि का जागरण बहुत ही ज्यादा शुभ माना जाता है. विधि-विधान से एकादशी के दिन पूजा करना चाहिए, और शुभ मुहूर्त देख व्रत का पारण कर लेना चाहिए. उसके बाद अपने भोजन करने से पहले गरीब जरूरत मंद ब्राह्मण को भोजन जरूर करवाएं.

 

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