पटना: उच्च एवं तकनीकी शिक्षा में शोध के लिए पीएम रिसर्च फेलोशिप का दायरा बढ़ाया

Smart News Team, Last updated: 22/11/2020 06:22 PM IST
  • शिक्षा मंत्रालय की ओर से पत्र के जरिए सरकार को जानकारी दी गई है कि प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप स्कीम का दायरा बढ़ाया गया है. इस योजना का लाभ सीधे विद्यार्थियों को होगा. जिससे वह इस फैसले से काफी उत्साहित हैं.
उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए पीएम रिसर्च फेलोशिप का दायरा बढ़ाया गया है

पटना. प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप स्कीम का दायरा बढ़ा दिया गया है. इस संबंध में शिक्षा मंत्रालय ने बिहार सरकार को पत्र के जरिए जानकारी दी है. उच्च एवं तकनीकी शिक्षा में शोध को बढ़ावा देने के लिए ऐसा किया गया है. किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से विज्ञान और प्रौद्योगिकी में डिग्री कोर्स की पढ़ाई करने वाले छात्र इसका लाभ ले सकेंगे. सरकार से इस फैसले से युवाओं में काफी खुशी है.

विद्यार्थियों और संस्थानों की मांग को देखते हुए केंद्र सरकार ने अप्रैल 2020 में इस योजना से जुड़े कई अहम बदलावों के बारे में जानकारी दी थी. इस बदलावों में फिलहाल जो सबसे अहम है, उनमें गेट में न्यूनतम 750 अंकों की पात्रता को घटाते हुए अब 650 अंक कर दिए गए हैं, साथ ही न्यूनतम सीजीपीए (कम्यूलेटिव ग्रेड प्वाइंट एवरेज) को भी 8 कर दिया गया है, जो पहले न्यूनतम 8.5 सीजीपीए का था.

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विभाग के एक उच्च पदस्थ अधिकारी की ओर से केंद्र के पत्र का हवाला देते हुए जानकारी दी गई कि अब इनमें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में ग्रेजुएट व मास्टर डिग्री कोर्स करने वाले देश के किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान के विद्यार्थियों को लाभ मिल सकेगा. इसका फायदा आगे पढ़ाई के लिए इच्‍छुक आर्थिक रूप से कमजाेर छात्र-छात्राओं को ज्‍यादा होगा. पहले सिर्फ सेंट्रल यूनिवर्सिटी के साथ आईआईएससी, आईआईएसईआर, आईआईईएसटी, आईआईटी, ट्रिपल आईटी और नेशनल रैकिंग में जगह बनाने वाले एनआईटी के ही विद्यार्थी इस रिसर्च फेलोशिप स्कीम का लाभ ले सकते थे लेकिन अब विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में ग्रेजुएट व मास्टर डिग्री कोर्स करने वाले किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान के मेधावी विद्यार्थियों को मौका मिलेगा.

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