Navratri 2021: नवरात्र में मां दुर्गा को प्रिय हैं ये मंत्र!, पूजा के दौरान इन मंत्रों का करें जाप, मां होंगी प्रसन्न

Priya Gupta, Last updated: Sat, 2nd Oct 2021, 1:22 PM IST
  • देवी भागवत पुराण के अनुसार, दुर्गा सप्तशती का हर मंत्र नियमति जप करने से जातक की सभी बाधाएं दूर होती है और मां का आशीर्वाद उसके परिवार पर हमेशा बना रहता है.
नवरात्र में मां दुर्गा को प्रिय हैं ये मंत्र

शक्ति, पराक्रम और सौंदर्य का प्रतीक मां दुर्गा को माना जाता है.देवी पार्वती और मां दुर्गा के योद्धा रूप को ब्रह्मांड में शांति बनाए रखने और नकरात्मक शक्तियों को दूर भगाने के लिए जाना जाता है. दुर्गा मां के नौ रूपों का नवरात्रि में लोग पूजा करते हैं. मां दुर्गा की पूजा आमतौर पर भक्त श्लोकों, मंत्रों और भजनों का उच्चारण करके करते हैं. जब मां दुर्गा की पूजा करते हैं उस दौरान भजन और आरती गाते हैं. अगर आप भी मां दुर्गा को करना चाहते हैं प्रसन्न, तो रोज नवरात्रि में करें मां दुर्गा की आरती.

देवी भागवत पुराण के अनुसार, दुर्गा सप्तशती का हर मंत्र नियमति जप करने से जातक की सभी बाधाएं दूर होती है और मां का आशीर्वाद उसके परिवार पर हमेशा बना रहता है. यह मंत्र हर संकट से मुक्ति दिलाते हैं और भाग्य का उदय करते हैं. नवरात्र के दिनों में दुर्गा सप्तशती के इन मंत्रों का जप करना विशेष लाभदायी माना गया है. इनसे रोगों और महामारी से मुक्ति मिलती है और उन्नति प्राप्ति के लिए मंत्रों का उल्लेख किया गया है. ऐसे ही कुछ मंत्र हैं, जिनका जाप माता की पूजा के दौरान किया जाता है.

माता के पूजन के दौरान जपे जाने वाले मंत्र

ओम जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।

दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तुते।।

रोगानशेषानपहंसि तुष्टा, रुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान्।

त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां, त्वामाश्रिता ह्याश्रयतां प्रयान्ति।।

विश्वेश्वरि त्वं परिपासि विश्वं, विश्वात्मिका धारयसीति विश्वम्।

विश्वेशवन्द्या भवती भवन्ति, विश्वाश्रया ये त्वयि भक्ति नम्रा:॥

देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम्‌।

रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषोजहि॥

शरणागतदीनार्तपरित्राणपरायणे।

सर्वस्यार्तिहरे देवि नारायणि नमोऽस्तु ते॥

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