Kartik Purnima 2021: दान का होता है विशेष महत्व, जानें शुभ मुहुर्त, मंत्र और पूजा विधि

Anurag Gupta1, Last updated: Fri, 19th Nov 2021, 6:55 AM IST
  • कार्तिक पूर्णिमा के दिन स्नान और दान देना अत्यंत लाभदायक होता है. चावल का दान काफी शुभ माना जाता है. पूर्णिमा तिथि प्रारंभ- 18 नवंबर (गुरुवार) दोपहर 11 बजकर 55 मिनट से पूर्णिमा तिथि समाप्त- 19 नवंबर (शुक्रवार) दोपहर 02 बजकर 25 मिनट तक है.
कार्तिक पूर्णिमा के दिन नदी में स्नान करते श्रध्दालु (फाइल फोटो)

कार्तिक पूर्णिमा के दिन देव दिवाली भी मनाया जाता है. इस दिन दीप दान का काफी महत्य होता है. मान्यता के अनुसार किसी नदी या सरोवर के पास दीपदान करना चाहिए यदि आसपास नदी या सरोवर नही है तो देवस्थान के पास दीपदान करना शुभ होता है. ऐसा करने से देवता प्रसन्न होते हैं और घर में सुख समृध्दि बनी रहती है और लक्ष्मी का वास होता है.

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चावल का करें दान:

इस दिन लोग अन्न व कपड़े दान करते हैं. यदि उस योग्य है तो दान करें अन्यथा चावल का दान अत्यंत शुभ होता है. ज्योतिषों के अनुसार पूर्णिमा के दिन स्नान और दान बहुत शुभ होता है. ऐसा करने से घर में लक्ष्मी का वास होता है.

कार्तिक पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त:

पूर्णिमा तिथि प्रारंभ- 18 नवंबर (गुरुवार) दोपहर 11 बजकर 55 मिनट से

पूर्णिमा तिथि समाप्त- 19 नवंबर (शुक्रवार) दोपहर 02 बजकर 25 मिनट तक

कार्तिक पूर्णिमा स्‍नान करने का शुभ मुहूर्त:

कार्तिक पूर्णिमा पर स्‍नान करने का शुभ मुहूर्त 19 नवंबर 2021, शुक्रवार को ब्रम्‍ह मुहूर्त से दोपहर 02:29 तक है.

स्नान ध्यान से क्या होता है लाभ:

कार्तिक पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में स्‍नान करके उगते सूर्य को अर्ध्‍य देने का विशेष महत्व है. इसके अलावा इस दिन दान-पुण्‍य करने से कई तरह के पापों से मुक्ति भी मिलती है. मान्यता है कि इस दिन देवता स्वंय आकर गंगा में स्नान करते हैं. इसलिए इस दिन गंगा स्नान का की काफी मान्यता है यदि आप गंगा नदी में स्नान ध्यान नहीं कर सकते तो नहाने वाले पानी में गंगा जल डालकर स्नान करें. इससे आपको जीवन में लाभ मिलेगा. साथ अन्न और वस्त्र दान की भी काफी मान्यता है.

कथाएं कहती है धरती पर आते हैं देवता:

पौराणिक कथाओं के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा पर स्वर्गलोक से देवी-देवता पृथ्वीलोक पर आते हैं और गंगा घाट पर स्नान करते हैं. कार्तिक पूर्णिमा पर देव दिवाली मनाई जाती है. इस दिन देवताओं के धरती पर आने की खुशी में घाटों को दीयों से रोशन किया जाता है. इतना ही नहीं, इस दिन घर के अंदर और बाहर दीप जलाने की परंपरा है.

कुंडली में चंद्रमा है कमजोर तो चावल का करें दान:

ज्योतिष बताते है जिसकी कुंडली में चंद्रमा कमजोर होते है उन्हें इस दिन चावल का दान करना चाहिए इससे लाभ मिलता है. इसके अलावा इस दिन दीपदान और तुलसी पूजा जरूर करनी चाहिए.

मंत्र का करें उच्चारण:

देवी त्वं निर्मिता पूर्वमर्चितासि मुनीश्वरैः नमो नमस्ते तुलसी पापं हर हरिप्रिये।।

कार्तिक पूर्णिमा के मंत्र:

ॐ सों सोमाय नम:

ॐ विष्णवे नमः

ॐ कार्तिकेय नमः

ॐ वृंदाय नमः

ॐ केशवाय नमः

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