Navratri 2021: धनवान बनने के लिए नवरात्रि में रोज करें ये आसान उपाय, घर की दरिद्रता होगी दूर

Priya Gupta, Last updated: Sat, 9th Oct 2021, 12:32 PM IST
  • नवरात्रि के दौरान मां लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए. मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए अष्टलक्ष्मी स्तोत्र का पाठ करना चाहिए. इस पाठ को करने से घर में सुख- समृद्दि आती है और दरिद्रता दूर होती है.
धनवान बनने के लिए नवरात्रि में रोज करें ये आसान उपाय

7 अक्टूबर गुरुवार से नवरात्रि की शरुआत हो चुकी है. नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है. नवरात्रि के पहले दिन मां शैलीपुत्री की पूजा की जाती है. माता पार्वती और उमा के नाम से भी शैलपुत्री को जाना जाता है. मां लक्ष्मी की कृपा से व्यक्ति को धन-लाभ होता है और व्यक्ति जीवन में सभी तरह के सुखों का अनुभव करता है.नवरात्रि के दौरान विधि- विधान से मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करनी चाहिए. मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए अष्टलक्ष्मी स्तोत्र का पाठ करना चाहिए.इस पाठ को करने से घर में सुख- समृद्दि आती है और दरिद्रता दूर होती है.

श्री अष्टलक्ष्मी स्त्रोतम:

आदि लक्ष्मी

सुमनस वन्दित सुन्दरि माधवि चंद्र सहोदरि हेममये ।

मुनिगण वन्दित मोक्षप्रदायिनी मंजुल भाषिणि वेदनुते ।

पङ्कजवासिनि देवसुपूजित सद-गुण वर्षिणि शान्तिनुते ।

जय जय हे मधुसूदन कामिनि आदिलक्ष्मि परिपालय माम् ।

धान्य लक्ष्मी:

अयिकलि कल्मष नाशिनि कामिनि वैदिक रूपिणि वेदमये ।

क्षीर समुद्भव मङ्गल रुपिणि मन्त्रनिवासिनि मन्त्रनुते ।

मङ्गलदायिनि अम्बुजवासिनि देवगणाश्रित पादयुते ।

जय जय हे मधुसूदनकामिनि धान्यलक्ष्मि परिपालय माम् ।

धैर्य लक्ष्मी:

जयवरवर्षिणि वैष्णवि भार्गवि मन्त्र स्वरुपिणि मन्त्रमये ।

सुरगण पूजित शीघ्र फलप्रद ज्ञान विकासिनि शास्त्रनुते ।

भवभयहारिणि पापविमोचनि साधु जनाश्रित पादयुते ।

जय जय हे मधुसूदन कामिनि धैर्यलक्ष्मि सदापालय माम् ।

 

 

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