Navratri 2021: नवरात्रि के दूसरे दिन करें मां ब्रह्मचारिणी की आरती और पढ़े ये मंत्र बनेंगे बिगड़े काम

Anuradha Raj, Last updated: Fri, 24th Sep 2021, 6:24 PM IST
  • 7 अक्टूबर से नवरात्रि की शुरुआत होने वाली है. हिंदू धर्म में नवरात्रि के पर्व का बहुत ही ज्यादा महत्व होता है. इस मौके पर मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा होती है. नवरात्रि के दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है.
Navratri 2021

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा नवरात्रि के दूसरे दिन की जाती है. ब्रह्म का अर्थ तपस्या से होता है. शास्त्रों में ब्रह्माचारिणी का मतलब तप की चारिणी यानी तप का आचरण करने वाली को बताया गया है. ब्रह्मचारिणी माता के एक हाथ में जप की माला और दूसरे हाथ में कमंडल होती है. नारद जी का आदेश पाकर देवी ने शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए बर्षों तक कठिन तप किया था. उनकी तपस्या अंत में सफल हो गई. सिद्धि की प्राप्ति होती है मां ब्रह्मचारिणी की कृपा से. देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार और संयम में वृद्धि के लिए की जाती है. ऐसी मान्यता है कि मां ब्रह्मचारिणी की पूजा के दौरान उनकी आरती और मंत्रो का जाप करने से भक्तों के बिगड़े काम को माता बना देती हैं. इतना ही नहीं बल्कि उस भक्त पर माता की दृष्टि हमेशा बनी रहती है.

मंत्र-

दधाना करपाद्माभ्याम, अक्षमालाकमण्डलु।

देवी प्रसीदतु मयि, ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।।

 

मां ब्रह्माचारिणी की आरती

 

जय अंबे ब्रह्मचारिणी माता।

जय चतुरामम प्रिय सुख दाता।

ब्रह्मा जी के मन भाती हो।

ज्ञान सभी को सिखलाती हो।

ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा।

जिसको जपे सकल संसारा।

जय गायत्री वेद की माता।

जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता।

कमी कोई न रहने पाए।

कोई भी दुख सहने न पाए।

उसकी विरति रहे ठिकाने।

जो तेरी महिमा को जाने।

रूद्राक्ष की माला लेकर।

जपे जो मंत्र श्रृद्धा देकर।

आलस छोड़ करे गुणगाना।

मां तुम उसको सुख पहुंचाना।

ब्रह्माचारिणी तेरो नाम।

पूर्ण करो सब मेरे काम।

भक्त तेरे चरणों का पुजारी।

रखना लाज मेरी महतारी।

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