पटना नगर निगम बायो माइनिंग पद्धति से हटाएगा 12 साल से जमा कूड़े का पहाड़

Smart News Team, Last updated: Sun, 17th Jan 2021, 12:48 PM IST
  • रामाचक बैरिया में जमा इस कूड़े के पहाड़ में करीब 12 लाख टन कचरा जमा है. निगम आयुक्त के मुताबिक 10 ट्रॉमेल मशीनों से यहां से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग निस्तारित किया जाएगा
पटना नगर निगम सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म.

पटना. पटना नगर निगम कूड़े का निस्तारण बायो माइनिंग पद्धति करेगा. इसके लिए 10 ट्रॉमेल मशीनें लगाई जा रही हैं. निगम प्रशासन के मुताबिक 15 दिनों के भीतर कूड़े के निस्तारण का काम शुरू कर दिया जाएगा. गौर हो कि रामाचक बैरिया में 12 साल से जमा कूड़े के कारण कूड़े का पहाड़ बन गया है. इस ढाहकर अब निगम समतल करेगा. कचरे को गलाने के लिए बायो रीमीडिएशन का काम भी किया जाएगा. मशीनों की मदद से कचरे से प्लास्टिक, लकड़ी, मेटल, गिट्टी, शीशा, कागज आदि अलग-अलग किए जाएंगे.

रामाचक बैरिया में नगर आयुक्त हिमांशु वर्मा ने इस संबंधी चल रहे काम का जायजा लिया. उन्होंने बताया कि 12 लाख टन कचरा जमा हो चुका है. इससे पर्यावरण को काफी हानि पहुंच रही है. लंबे समय से जमा कचरे के कारण यहां हानिकारक मिथेन गैस और लीचेट का रिसाव हो रहा है. जिनसे हवा काफी प्रदूषित हो रही है और आसपास के लोगों को बदबू के कारण सांस लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और यहां से गुजरना भी दूभर हुआ पड़ा है. इसी कारण इस कूड़े के पहाड़ को ढाहकर कचरे का निस्सतारण किया जाएगा.

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उन्होंने बताया कि रामाचक बैरिया में कूड़े के पहाड़ को हटाने की परियोजना एक साल में पूरी होगी. एक मशीन से हर रोज 600 टन कूड़ा हटाया जाया करेगा. 10 मशीनें इस काम में लगाई जा रही हैं जो हर रोज छह हजार टन गीला और सूखा कचरा अलग-अलग निस्तारित करेंगी. बायो माइनिंग पद्धति से कचरा हटाया जाएगा और विभिन्न भागों में बांटा जाएगा. यहां से जो मिट्टी निकलेगी उसका इस्तेमाल सड़क निर्माण और अन्य कार्यों में किया जाएगा. यहां से निकलने वाले ज्वलनशील पदार्थों को फैक्टरियों में भेजा जाएगा. जहां ईंधन के रूप में फिर से प्रयोग किया जाएगा.

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