बकाया होल्डिंग टैक्स से पटना निगम परेशान, बकाएदारों में राज्य सरकार के विभाग भी

Smart News Team, Last updated: Wed, 27th Jan 2021, 11:16 AM IST
  • पटना नगर निगम होल्डिंग टैक्स के बकाए की वसूली के लिए बड़ा अभियान छेड़ने जा रहा है. राजस्व में कमी से निगम के नियमित खर्च भी प्रभावित होने लगे हैं. सरकारी विभागों को कोर्ट ने 3 हफ्तों में भुगतान के निर्देश दिए हैं और निगम को कार्रवाई संबंधी हलफनामा अगली सुनवाई से पहले कोर्ट में दायर करना है. 
पटना नगर निगम से सफाईकर्मी के नाम पर धन उगाही का आरोप पार्षद पर

पटना. पटना नगर निगम होल्डिंग टैक्स के बकाए के कारण विकास योजनाओं को कार्यान्वित नही कर पा रहा है. जिस कारण उसकी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. राजस्व में कमी की वजह से पटना नगर निगम के नियमित खर्च भी प्रभावित होने लग गए हैं. निगम 28 जनवरी से होल्डिंग टैक्स के बकाएदारों पर कार्रवाई करने के मूड़ में है. गौर हो कि निगम के बकाएदारों में राज्य सरकार के कई विभाग भी आते हैं. निगम ने 28 जनवरी से बकाएदारों पर कार्रवाई करने की तैयारी कर ली है. अब देखना होगा कि राज्य सरकार के विभागों पर निगम की कार्रवाई क्या रहती है.

सरकारी विभागों को तीन हफ्ते में हाईकोर्ट ने भुगतान करने के निर्देश दिए हैं. यह निर्देश मुख्य सचिव को दिए गए हैं. जिसमें कहा गया है कि उच्चाधिकारियों के साथ बैठक करके सुनिश्चिचत किया जाए कि कितने विभाग हैं जिन पर नगर निगम का बकाया है और उसका भुगतान तीन हफ्तों में किया जाए. यह आदेश मुख्य न्यायधीश संजय करोल व न्यायाधीश एस कुमार खंडपीठ ने अधिवक्ता मयूरी की लोकहित याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किए हैं. सुनवाई के दौरान कोर्ट में नगर विकास सचिव आनंद किशोर मौजूद थे. खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि निगम के लिए 15वीं स्टेट फाइनांस कमीशन अनुशंसित राशि कब तक जारी होगी. इसकी जानकारी अगली सुनवाई तक कोर्ट को उपलब्ध करवाई जाए.

रूपेश सिंह हत्या की जांच के लिए दो टीमें गठित, बैंक अकाउंट की पड़ताल जारी

पटना निगम को कोर्ट में अगली सुनवाई के दौरान चार बातों की जानकारी देने के लिए कहा गया है. निगम एरिया में कितने बकाएदार हैं जो निगम टैक्स नेट में नहीं आते और उन्हें टैक्स के दायरे में कब तक लिया जाएगा. आवासीय तौर अंकित होल्डिंग जो व्यवसायिक के रूप में प्रयोग हो रहे हैं. उनसे टैक्स वसूली के लिए निगम क्या कर रहा है. यह सारा डाटा निगम को तीन हफ्तों में कोर्ट में हलफनामे पर दायर करना है.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें