पटना

पटना: तपती गर्मी में प्यास से जूझ रहे लोग फिर भी शहर में नहीं लगाए जा रहे प्याऊ

Smart News Team, Last updated: 12/06/2020 05:08 PM IST
  • तपती गर्मी में व्यक्ति को सबसे ज्यादा जरूरत पानी की होती है। इसी वजह से सड़कों पर राहगीरों के लिए प्याऊ लगाए जाते हैं। लेकिन कोरोना की वजह से राजधानी में इस बार अभी तक प्याऊ की व्यवस्था नहीं की गई है।
पटना में इस साल सड़कों पर अभी तक प्याऊ का इंतजाम नहीं किया गया है। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

पटना. गर्मी ने अपना खतरनाक रूप दिखाना शुरू कर दिया है। ऐसी तपती भीषण गर्मी में सबसे ज्यादा जरूरत पानी की होती है। इसी वजह से हर साल तेज गर्मी पड़ने पर सड़कों पर राहगीरों के लिए प्याऊ लगाए जाते हैं। लेकिन राजधानी पटना में इस साल प्याऊ की व्यवस्था के नाम पर सब चुप्पी साधकर बैठे हैं. इस बार न तो नगर निगम की ओर से और न ही किसी निजी संस्थान की ओर से प्याऊ की व्यवस्था की गई है.

पटना नगर निगम की मेयर सीता साहू इस संबंध में कहती हैं कि कोरोना महामारी को देखते हुए गर्मी में प्याउ की व्यवस्था पर विचार-विमर्श करने के बाद ही कोई फैसला किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निगम की ओर से अभी तक प्याउ लगाने के लिए कोई निर्देश नहीं दिया गया है।

गौरतलब है कि पटना के राजेंद्र नगर, मछुआ टोली, अशोक राजपथ, गांधी मैदान कारगिल चौक, इनकम टैक्स चौराहा, वीरचंद पटेल रोड, शिवपुरी समेत कई ऐसे इलाके हैं जहां प्याऊ की व्यवस्था नजर नहीं आ रही। कोरोना काल में बदली जिंदगी ने रोजमर्रा के पैदल चलने वाले लोगों को पानी के लिए तरसा दिया है।

रिक्शा चालक नवीन कुमार प्याऊ की व्यवस्था को लेकर कहते हैं कि वे किसी के घर से तो पानी मांग नहीं सकते और न ही पैसे से खरीद कर पी सकते हैं। घर से एक बोतल पानी लेकर चलते हैं लेकिन पूरा नहीं पड़ता, ऐसे में प्याऊ रहता था तो हम अच्छे से पानी पी लेते थे।

वहीं नगर निगम के अफसरों और पार्षदों की मानें तो इस साल प्याऊ नहीं लग पाया। लेकिन निगम हर वार्ड में 10 समरसेबल लगाने की योजना को गति दे रहा है जिससे जलापूर्ति की कमी जल्द दूर की जाएगी।

 

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