इस दिन है पौष पुत्रदा एकदाशी व्रत, नोट कर लें तारीख, पूजा विधि और मुहूर्त

Pallawi Kumari, Last updated: Fri, 7th Jan 2022, 5:12 PM IST
  • एकादशी व्रत हिंदू धर्म में खास माना जाता है. पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को साल की पहला पुत्रदा एकदाशी व्रत रखा जाएगा. ये व्रत संतान कामनापूर्ति के लिए रखा जाता है. इस दिन विष्णु भगवान की पूजा की जाती है.
पौष पुत्रदा एकदाशी

हिंदू धर्म में सभी व्रतों में एकादशी को खास माना जाता है. एकादशी का दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इस दिन उनकी विशेष पूजा की जाती है. वैसे तो पूरे साल में 24 एकादशी पड़ती है. लेकिन साल 2022 की शुरुआत के बाद 13 जनवरी पहली एकादशी पड़ रही है. इस दिन पौष पुत्रदा एकादशी व्रत रखा जाएगा. पुत्रदा एकादशी साल में दो बार आती है. पहली एकादशी पौष मास में पड़ती है और दूसरी सावन मास में. आइये जानते हैं पौष मास में पड़ने वाली एकादशी का महत्व और पूजा विधि.

पौष पुत्रदा एकदाशी महत्व- 

जनवरी मास में पड़ने वाले पौष पुत्रदा एकादशी के दिन पूजा और व्रत रखने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और संतान सुख की प्राप्ति होती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार संतान की संकटों से रक्षा के लिए ये भी ये व्रत किया जाता है.

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पुत्रदा एकादशी व्रत विधि-

एकादशी के दिन सुबह उठकर स्नान कर साफ कपड़े पहनें. घर के मंदिर में दीप जलाएं और व्रत का संकल्प लें. भगवान विष्णु का गंगा जल से अभिषेक करें और फूल तुलसी दल चढ़ाएं. पूजा के बाद भगवान की आरती करें. भोग लगाएं समय इस बात का ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है. पूजा में तुलसी को जरूर शामिल करें. भगवान विष्णु के साथ इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा भी करें. अगर संभव हो तो इस दिन व्रत भी रखें और अगले दिन सुबह व्रत का पारण करें.

पौष पुत्रदा एकादशी शुभ मुहूर्त व पारण का समय-

पौष पुत्रदा एकादशी व्रत- 13 जनवरी 2022, गुरुवार

एकादशी तिथि प्रारम्भ - 12 जनवरी 2022 शाम 04:49 बजे

एकादशी तिथि समाप्त - 13 जनवरी 2022 शाम 07:32 बजे

पारण का समय- 14 जनवरी 2022, शुक्रवार, सुबह 07 बजकर 15 मिनट से 09 बजकर 21 मिनट तक

पारण तिथि समाप्त- 14 जनवरी, रात 10 बजकर 19 मिनट तक

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