Shardiya Navratri 2021: नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायिनी की करें पूजा, जानें पूजा विधि, मंत्र और आरती

Priya Gupta, Last updated: Mon, 11th Oct 2021, 12:41 PM IST
  • आज नवरात्रि का छठवां दिन है. मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा की जाती है.
नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायिनी की करें पूजा

आज नवरात्रि का छठवां दिन है. मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा की जाती है. ऐसा कहा जाता है कि मां कात्यायिनी की पूजा करने से मन की शक्ति मजबूत होती है. अविवाहितों को देवी की पूजा करने से अच्छे जीवनसाथी की प्राप्ति होती है. धर्म ग्रंथों के अनुसार, देवी कात्यायिनी ने ही राक्षस महिषासुर का मर्दन किया था. मां की पूजा पूरे विधि विधान से किया जाता है.

जानें पूजा विधि

मां कात्यायनी की पूजा करने के लिए सबसे पहले पूजा की चौकी पर साफ लाल रंग का कपड़ा बिछाकर उस पर मां कात्यायनी की मूर्ति रखें. गंगाजल से पूजाघर और घर के बाकी स्थानों को पवित्र करें. वैदिक मंत्रोच्चार के साथ व्रत का संकल्प पढ़ें एवं सभी देवी-देवताओं को नमस्कार करते हुए षोडशोपचार पूजन करें. मां कात्यायनी को दूध, घी, दही और शहद से स्नान करवाएं. पूजा में देवी को शुद्ध शहद अर्पित करें. के बाद पूरे भक्ति भाव से देवी का मंत्र पढ़ें. मन में जो मनोकामना हो उसे दोहराते हुए देवी से आशीर्वाद मांगें.

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मां कात्यायनी का मंत्र

चंद्रहासोज्जवलकरा शार्दूलवर वाहना।

कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनि

मां कात्यायनी की आरती

जय जय अंबे जय कात्यायनी ।

जय जगमाता जग की महारानी ।।

बैजनाथ स्थान तुम्हारा।

वहां वरदाती नाम पुकारा ।।

 

कई नाम हैं कई धाम हैं।

यह स्थान भी तो सुखधाम है।।

हर मंदिर में जोत तुम्हारी।

कहीं योगेश्वरी महिमा न्यारी।।

 

हर जगह उत्सव होते रहते।

हर मंदिर में भक्त हैं कहते।।

कात्यायनी रक्षक काया की।

ग्रंथि काटे मोह माया की ।।

 

झूठे मोह से छुड़ानेवाली।

अपना नाम जपानेवाली।।

 

बृहस्पतिवार को पूजा करियो।

ध्यान कात्यायनी का धरियो।।

 

हर संकट को दूर करेगी।

भंडारे भरपूर करेगी ।।

जो भी मां को भक्त पुकारे।

कात्यायनी सब कष्ट निवारे

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