Shardiya Navratri 2021: बिहार में इस जगह आजादी के पहले से हो रहा मां दुर्गा पूजा का आयोजन

Pallawi Kumari, Last updated: Wed, 6th Oct 2021, 6:40 AM IST
  • दुर्गा पूजा में भव्य पूजा पंडाल का आयोजन कई शहरों में देखने को मिलता है. लेकिन पटना में दर्जनों पूजा समितियों का इतिहास 50 साल से भी ज्यादा पुराना रहा है. पटना के राजेंद्र नगर पुल के नीचे बमबम स्थान के पास स्थापित माता की मूर्ति में आजादी के पहले से पूजा का आयोजन किया जा रहा है.
आजादी के पहले ये पटना के इस जगह हो रहा माता के पूजा का आयोजन.

हिंदू पंचांग के अनुसार कल गुरुवार से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो रही है. नवरात्रि में नौ दिनों तक दुर्गा मां के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है. दुर्गा पूजा की रौनक और धूमधाम देशभर में देखने को मिलती है. खासकर बंगाल के कोलकाता में मां दुर्गा के भव्य पूजा पंडालों का आयोजन किया जाता है. लेकिन क्या आपको पता है कि बिहार की राजधानी पटना में भी दर्जनों ऐसी पूजा समितियां है, जिनका पुराना इतिहास रहा है. पटना में कई ऐसे पूजा पंडाल है जिसमें 50 साल से अधिक समय से पूजा पंडाल का आयोजन किया जा रहा है. 

वहीं पटना के राजेंद्र नगर पुल के नीचे बमबम स्थान के पास स्थापित माता की मूर्ति में आजादी के पहले से माता की पूजा का आयोजन किया जा रहा है. इस जगह माता की पूजा का आयोजन युवा एकता मंच द्वारा किया जाता है.राजेंद्र नगर पुल के नीचे लंबे समय तक ये इकलौती ऐसी जगह थी, जहां दुर्गा पूजा में माता की मूर्ति स्थापित हो रही है. कहा जाता है कि यहां पूजा माता की पूजा का आय़ोजन आजादी के पहले से हो रहा है. लेकिन साल 1971 में इस समिति को मूर्ति स्थापित करने का लाइसेंस मिला.

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इस बार कैसी है तैयारी- युवा एकता मंच के पूजा पंडाल में 27 से ज्यादा मूर्तियों को स्थापित किया जाता रहा है. हालांकि इस बार जिला प्रशासन द्वारा जारी कोरोना गाइडलाइन का पालन किया जाएगा.इसलिए कोरोना महामारी को देखते हुए इस साल नौ मूर्तियां ही बिठाई जएगी.इनमें मां दुर्गा , लक्ष्मी, सरस्वती, कार्तिक , गणेश, शंकर, पार्वती, दो राक्षस और शिवलिंग हैं.

अद्धुत होगा झरना का नजारा- युवा एकता मंच द्वारा पटना में बीते 20 सालों से यह शहर का इकलौता ऐसा पूजा पंडाल है, जहां झरना की सजावट की जाती है. इस बार कैलाश पर्वत पर माता पार्वती को दूध चढ़ाते हुए दिखाया जाएगा. लगभग 20 फीट लंबा और 50 फीट चौड़ा झरना का नजारा इस बार पंडाल में देखने को मिलेगा. पूजा समिति के दस्य का दावा है कि इस बार झरना का नजारा अद्भुत होने वाला है.

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