Shardiya Navratri 2021: नवरात्रि में अभिजीत मुहूर्त पर कलश स्थापना का विशेष महत्व, जानें शुभ समय और विधि

Anuradha Raj, Last updated: Tue, 5th Oct 2021, 7:43 PM IST
  • हिंदी पंचांग के अनुसार शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 7 अक्टूबर गुरुवार से हो रही है. नवरात्रि की शुरुआत कलश स्थापना के साथ होती है. जानकारों के अनुसार घट स्थापना मुहूर्त और अभिजीत मुहूर्त में कलश स्थापना का विशेष महत्व होता है.
नवरात्रि में अभिजीत मुहूर्त पर कलश स्थापना का महत्व. फोटो साभार-हिन्दुस्तान

हिंदी पंचाग के अनुसार वैसे तो साल में 4 बार नवरात्रि आती है.लेकिन मुख्य रूप में दो नवरात्रि चैत्र और शारदीय ज्यादा प्रचलित है.दोनों ही नवरात्र में नौ दिनों तक मां दुर्गा के 9 रूपों की पूजा की जाती है. नौ दिनों तक चलने वाले नवरात्रि की शुरुआत कलश स्थापना के साथ होती है. घट स्थापना मुहूर्त और अभिजीत मुहूर्त में कलश स्थापना का विशेष महत्व होता है. इसलिए इसी शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना कर लेनी चाहिए. जानकारों का कहना है कि 7 अक्टूबर को नवरात्रि के पहले दिन चित्रा वैधृति योग का निशेष होने से कलश स्थापना अभिजीत मुहूर्त में विशे। फलदायी है.

किसे कहते हैं अभिजीत मुहूर्त

मान्यताओं के मुताबिक हर दिन का कुछ समय अति शुभ माना गया है. इस समय किए हए हर कार्य में सफलता मिलती है.  आमतौर पर वर्ष के 365 दिन में 11.45 से 12.45 तक का समय अभिजीत मुहूर्त कहा जाता है. प्रत्येक दिन का मध्य-भाग (अनुमान से 12 बजे) अभिजीत मुहूर्त कह सकते हैं.

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अभिजीत मुहूर्त में कलश स्थापना न करने पर करें ये उपाय

ज्योतिषाचार्य पीके युग कहते हैं कि, अभिजीत मुहूर्त में जो भी भक्त माता का आह्वान नहीं कर पाएं उसे दोपहर 12 बजकर 14 मिनट से 1 बजकर 42 मिनट तक लाभ का चौघड़िया में और 1 बजकर 42 मिनट से शाम 3 बजकर 9 मिनट तक चौघड़िया में कलश स्थापना पूजा कर सकते हैं.

नौ दिनों तक पाठ करने में असमर्थ व्यक्ति करें ये उपाय

ज्योतिषाचार्य पीके युग के अनुसार, शास्त्रों में फल सिद्दी के लिए एक पाठ, उपद्रवशांति के लिए तीन पाठ, सर्व प्रकार की शांति के लिए पांच पाठ, भयमुक्ति के लिए सात पाठ, यज्ञ फल प्राप्ति के लिए नौ पाठ का विधान है. लेकिन अगर कोई व्यक्ति किसी कारण नौ दिन पाठ करने में असमर्थ है तो वह चार, तीन,दो या एक दिन के लिए भी सात्विक उपवास के साथ पाठ कर सकता है.

अभिजीत मुहूर्त

7 अक्टूबर 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 38 मिनट के बीच

घट स्थापना मुहूर्त

7 अक्टूबर को सुबह 6 बजकर 17 मिनट से 7 बजकर 7 मिनट तक

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