Vivah Panchami 2021 : इन मंत्रों के जाप से दूर होंगी विवाह में आने वाली अड़चन

Indrajeet kumar, Last updated: Tue, 7th Dec 2021, 12:36 PM IST
  • हर साल मार्गशीर्ष महीने की शुक्ल पंचमी को विवाह पंचमी के रूप में मनाया जाता है. इसी दिन भगवान राम और माता सीता का विवाह सम्पन्न हुआ था. इस साल बुधवार 8 दिसंबर को विवाह पंचमी का त्योहार है. इस दिन व्रत रखने और मंत्र जाप करने से विवाह में आने वाली अड़चनें दूर होती है. मंत्रों और जाप के तरीकों को जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर.
विवाह पंचमी (प्रतीकात्मक फोटो)

हर वर्ष मार्गशीर्ष महीने की शुक्ल पंचमी को राम मंदिरों में विशेष उत्सव का आयोजन किया जाता है. अयोध्या नगरी में इस दिन को एक बड़े उत्सव के रूप में मनाया जाता है. मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी, बुधवार 8 दिसंबर को विवाह पंचमी का त्योहार है. शास्त्रों की मान्यताओं के अनुसार इस दिन का काफी महत्वपूर्ण माना जाता है . इस दिन भगवान राम का माता सीता के साथ विवाह हुआ था. इस दिन को राम और माता जानकी के विवाह को सालगिरह के रूप में मनाया जाता है. इस दिन राम-सीता के मंदिरों में विशेष आयोजन किया जाता है. इस दौरान श्रद्धालु पूजा, यज्ञ और अनुष्ठान एवं रामचरितमानस का पाठ करते हैं.

वैवाहिक अड़चनें होंगी दूर 

अगर किसी व्यक्ति के विवाह में अड़चनें आ रही हो या फिर बिलंब हो रहा हो तो उन्हें विवाह पंचमी के दिन व्रत रखना चाहिए. विधिपूर्वक भगवान राम और माता सीता का पूजन करना चाहिए. साथ ही राम जानकी विवाह भी सम्पन्न करवाना चाहिए. पूजा समाप्त होने के बाद भगवान से अपनी मनोकामना पूर्ण होने की कामना करनी चाहिए. माना जाता है कि इससे जल्द विवाह का योग बनता है. साथ ही योग्य जीवन साथी मिलता है.

जिन लोगों के विवाह में अड़चनें आ रही हो या फिर बिलंब हो रहा हो उन्हें विवाह पंचमी के दिन व्रत रखना चाहिए एवं विधि-विधान के साथ भगवान राम और माता सीता का पूजन करना चाहिए। इसी के साथ प्रभु श्रीराम और माता-सीता का विवाह सम्पन्न करवाना चाहिए। पूजन सम्पन्न होने के बाद भगवान से अपनी मनोकामना पूर्ण होने की विनती करनी चाहिए। मान्यता है कि इससे शीघ्र विवाह के योग बनते हैं साथ ही योग्य जीवन साथी मिलता है एवं विवाह में आ रही अड़चनें दूर होती हैं।

लाभकारी सिद्ध होगा रामचरितमानस पाठ

शास्त्रों में लिखित जानकारी के अनुसार मार्गशीर्ष की पंचमी को ही गोस्वामी तुलसीदासजी ने दिव्य ग्रंथ रामचरितमानस की रचना पूरी की थी, इसके अलावा भगवान राम और माता सीता का विवाह भी इसी दिन सम्पन्न हुआ था. इसलिए विवाह पंचमी के दिन पाठ करना अति शुभ माना जाता है. आज के दिन अगर भगवान राम का विधिवत पूजन और सांकेतिक रूप से विवाह कराया जाए तो सांसारिक दुखों से मुक्ति मिलती है. जिनके वैवाहिक जीवन में संतान या परिवार में कोई समस्या है उन्हें इस दिन श्रीराम और सीताजी का पूजन करके श्रीराम रक्षा स्रोत का पाठ करना चाहिए.

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इन मंत्रों का करें जाप

सबसे पहले भगवान राम और माता सीता को अपने ध्यान में लाएं और माला के माध्यम से अपने सामर्थ्य अनुसार इस मंत्र ‘ॐ जानकीवल्लभाय नमः’ का जाप करें. साथ ही आप नीचे दिए दोहे में से किसी एक का भी जाप कर सकते हैं. दोहे से जाप करना भी लाभकारी माना जाता है. जाप करने के तुरंत बाद आप जल्द विवाह या सुखद वैवाहिक जीवन की प्रार्थना करें.

प्रमुदित मुनिन्ह भावंरीं फेरीं। नेगसहित सब रीति निवेरीं॥

राम सीय सिर सेंदुर देहीं। सोभा कहि न जाति बिधि केहीं॥1

पानिग्रहन जब कीन्ह महेसा। हियं हरषे तब सकल सुरेसा॥

बेदमन्त्र मुनिबर उच्च रहीं। जय जय जय संकर सुर करहीं॥2

सुनु सिय सत्य असीस हमारी। पूजिहि मन कामना तुम्हारी॥

नारद बचन सदा सुचि साचा। सो बरु मिलिहि जाहिं मनु राचा॥३

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