पटना: 19 अक्टूबर को मनेगा बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन का 101 वां स्थापना समारोह

Smart News Team, Last updated: 17/10/2020 07:36 PM IST
  • पटना के कदमकुआं में बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन का 101वां स्थापना दिवस समारोह 19 अक्टूबर को मनाया जाएगा. ऐतिहासिक, साहित्यिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से इस समारोह का विशेष महत्व है. इसमें देश भर से साहित्य जगत से जुड़ी विभूतियां पहुंचेंगी. इस सम्मेलन में साहित्य जगत में विशेष योगदान के लिए साहित्यकारों को सम्मानित भी किया जाएगा. इस समारोह का आगाज 1919 में होना शुरू हुआ था. अब इसके 101वें स्थापना दिवस समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं. देश के पहले राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद इसके अध्यक्ष भी रह चुके हैं.
  • सम्मेलन के अध्यक्ष डाक्टर अनिल ने इस सम्मेलन के गौरवपूर्ण इतिहास के बारे में बताया. हिंदी भाषा और साहित्य के विकास में इसने राष्ट्रीय और ऐतिहासिक स्तर पर महत्वपूर्ण कार्य किए और देश भर में प्रचारक भेजे. यहां से प्रचारक गैर हिंदी राज्य में जाते थे और उन्होंने हिंदी के उन्नयन में अमूल्य योगदान दिया है. उन्होंने कहा कि 101वें स्थापना दिवस में एक बहुत महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रधानमंत्री के समक्ष रखने जा रहे हैं कि हिंदी को देश की राष्ट्रभाषा घोषित करें. हिंदी को राज संघ की भाषा बनाया जाए. बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन ने महिला साहित्यकारों को भी मंच प्रदान किया है और उन्हें अपने मन की भावनाओं को कविताओं और कहानियों के माध्यम से प्रकट करने के लिए मंच प्रदान किया.
  • कला संस्कृति बिहार से जुड़े कुमार अनुपम जिन्होंने संगीत नाटक अकादमी के साथ मिलकर भी इन्होंने काम किया है. बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन ने सिर्फ बिहार से ही नहीं बाहर के राज्यों के भी साहित्यकारों को भी गौरवान्वित किया है. यह हिंदी भाषा को लेकर चलाया अभियान है और हिंदी भाषा के साथ-साथ प्रचारकों को मंच देकर प्रोत्साहन देता है.

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