इलाहबाद हाईकोर्ट ने खारिज की MP अतुल राय के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने की याचिका

MRITYUNJAY CHAUDHARY, Last updated: Fri, 14th Jan 2022, 9:38 AM IST
  • इलाहबाद हाईकोर्ट ने की सांसद अतुल राय के खिलाफ गैंगस्टर कानून के तहत दर्ज FIR को रद्द करने की याचिका को खारिज कर दिया है. सांसद अतुल राय के खिलाफ यह प्राथमिली 22 अक्टूबर 2021 में वाराणसी में दर्ज हुई थी.
इलाहबाद हाईकोर्ट ने खारिज की सांसद अतुल राय के खिलाफ गैंगस्टर कानून के तहत दर्ज प्राथमिकी रद्द करने की याचिका

प्रयागराज (भाषा). इलाहबाद उच्च न्यायालय ने सांसद अतुल राय के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने की याचिका को खारिज कर दिया है. एमपी अतुल राय के खिलाफ 23 अक्टूबर 2021 को वाराणसी के लंका पुलिस थाना में गैंगस्टर कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी. जिसको रद्द करने को लेकर हाईकोर्ट में उन्होंने याचिका दायर की थी. जिसकी सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल और न्यायमूर्ति साधना रानी ने अतुल राय के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने से मना कर दिया.

राय के वकील ने दलील दी कि गैंगस्टर कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज कराना उच्च न्यायालय द्वारा 2018 के आपराधिक मामले में दी गई अंतरिम सुरक्षा का उल्लंघन है. याचिकाकर्ता के मुताबिक, उसने पूर्व में कुछ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की याचिका दायर की थी. इसलिए जांच अधिकारी याचिकाकर्ता को जेल की सलाखों के पीछे रखने को मजबूर थे. मौजूदा प्राथमिकी, जांच अधिकारी की ओर से बदले की कार्रवाई के तहत दर्ज कराई गई है. यह प्राथमिकी तब दर्ज कराई गई जब याचिकाकर्ता जेल में था ऐसे में वह किसी भी आपराधिक गतिविधि में संलिप्त नहीं हो सकता था.

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अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता के वकील की यह दलील कि चूंकि याचिकाकर्ता जेल में था और उसकी जमानत याचिका खारिज हो चुकी थी. उस पर गैंगस्टर कानून के तहत मामला दर्ज नहीं किया जा सकता था. हमें इस दलील में कोई दम नजर नहीं आता.

अदालत ने कहा कि हम देख सकते हैं कि प्राथमिकी अपने आप में यह बताती है कि 22 अक्टूबर, 2021 का गैंग चार्ट सक्षम अधिकारी द्वारा मंजूर किया गया. जिसमें याचिकाकर्ता के खिलाफ हाल के दो आपराधिक मामले उल्लिखित हैं. इसके अलावा, चार मामलों में याचिकाकर्ता के खिलाफ गैंगस्टर कानून के तहत मुकदमा चल रहा है. इन कारणों से हमें प्राथमिकी रद्द करने का कोई आधार नजर नहीं आता.

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