विपरीत धर्मो के शादीशुदा जोड़े की जिंदगी में दखल देने पर इलाहबाद HC ने लगाई रोक, कहा- माता-पिता को भी इसका हक नहीं

MRITYUNJAY CHAUDHARY, Last updated: Fri, 17th Sep 2021, 3:05 PM IST
  • इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विपरीत धर्मों के बालिग शादीशुदा जोड़े की जिंदगी में दखल करने पर रोक लगा दिया है. साथ ही यह भो कहा कि माता-पिता को भी दोनों के वैवाहिक जीवन में दखल देने का अधिकार नहीं है. इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने यह फैसला याची शिफा हसन मामले में सुनवाई करते हुए सुनाया.
विपरीत धर्मो के शादीशुदा जोड़े की जिंदगी में दखल देने पर इलाहबाद HC ने लगाई रोक (HT  FILE PHOTO)

प्रयागराज. इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने धर्मों के बाद जोड़ों की शादीशुदा जिंदगी को लेकर एक फैसला सुनाया. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विपरीत धर्मों के शादीशुदा जोड़ों के जिंदगी में किसी तरह के दखल पर पूरी तरह से रोक लगा दी है, साथ ही अभी कहा कि धर्मों के विवाहित दंपति के जीवन में उनके माता-पिता का भी हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह फैसला शिफा हसन के मामले में सुनवाई करते हुए सुनाया. साथ ही उन्हें पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिफा हसन के मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि विपरीत धर्म होने के बावजूद भी बालिग जोड़े को अपनी पसंद का जीवन साथी चुनने का पूर्ण अधिकार है. शिफा हसन के मामले में सुनवाई जस्टिस एस के गुप्ता और जस्टिस दीपक वर्मा के डिवीजन की बेंच ने किया. उन्होंने सुनवाई के बाद आदेश दिया. बता दें कि याची शिफा हसन ने प्रेमी हिन्दू लड़के से शादी की है. जिसके बाद शिफा ने डीएम से मुस्लिम से हिन्दू धर्म अपनाने की अनुमति मांगी है. वहीं इस शादी को लेकर दोनों के परिजन एतराज जताया है. 

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वहीं पुलिस रिपोर्ट के अनुसार विपरीत धर्म में शादी करने से लड़के के पिता राजी नहीं है, लेकिन मां इस शादी को अपनाने के लिए राजी है. दूसरी तरफ लड़की के माता-पिता दोनों राजी नहीं है. जिसके बाद दंपति ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की शरण लिया है. साथ ही दोनों ने सुरक्षा की गुहार लगाई है. जिसपर कोर्ट ने फैसला सुनते हुए दोनों को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने का आदेश दिया है.

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