इलाहाबाद हाईकोर्ट बोला- किसी भी धर्म के दो बालिगों को शादी का अधिकार, कपल को सुरक्षा दें

Prachi Tandon, Last updated: Thu, 16th Sep 2021, 11:15 PM IST
  • इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक मामले में सुनवाई के दौरान बोला है कि दो बालिगों को शादी करने का अधिकार है. फिर चाहे वह किसी भी धर्म से हों. उच्च न्यायलय ने पुलिस से याचिका दाखिल करने वाले जोड़े सुरक्षा देने के लिए कहा है.
इलाहाबाद HC ने कहा- दो बालिगों को अपना वैवाहिक साथी चुनने का अधिकार.

प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक बार फिर से कहा है कि दो बालिगों को अपना वैवाहिक साथी चुनने का अधिकार है, फिर चाहे उनका धर्म कुछ भी हो. जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की खंडपीठ ने एक मुस्लिम महिला शिफा हसन और उनके हिंदू साथी की दर्ज याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि किसी भी धर्म के दो बालिगों को शादी का अधिकार है. उनके माता-पिता भी इससे आपत्ति नहीं जता सकते हैं. इसी के साथ कोर्ट ने जोड़े को सुरक्षा प्रदान करने के लिए कहा है.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि इस पर कोई विवाद का मुद्दा नहीं है जब दो व्यस्क अपनी इच्छा से शादी करना चाहते हैं. व्यस्कों को अपना वैवाहिक साथी चुनने का पूरा अधिकार है. फिर चाहे वह किसी भी धर्म से हो. पीठ ने कहा यह याचिका दो व्यक्तियों की संयुक्त है जो दावा करते हैं कि वह एक-दूसरे से प्रेम में हैं और व्यस्क हैं इसलिए हमारा यह मानना है कि यहां माता-पिता समेत कोई अऩ्य आपत्ति नहीं जता सकता है. 

यूपी का टूटेगा रिकॉर्ड, दोबारा बनूंगा मुख्यमंत्री, 350 सीट से अधिक जीतेगी भाजपा- सीएम योगी आदित्यनाथ

कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ताओं का किसी के भी द्वारा उत्पीड़न ना किया जाए. कोर्ट ने पुलिस को निर्देश देते हुए कहा है कि लड़की के पिता या अन्य कोई भी उन्हें किसी तरह से परेशान ना करे. याचिका दाखिल करने वाली लड़की शिफा सहन ने कहा कि उन्होनें इस्लाम से हिंदू धर्म में धर्मांतरण के लिए भी आवेदन दायर किया है. जिसके संबंध में जिलाधिकारी ने थाने से रिपोर्ट मांगी थी. रिपोर्ट के अनुसार लड़के के पिता इस रिश्ते के लिए राजी नहीं हैं लेकिन लड़के की मां तैयार है. 

इलाहाबाद हाईकोर्ट कर्मचारियों का पीजीआई लखनऊ में होगा मुफ्त इलाज

शिफा हसन के माता-पिता दोनों ही इस शादी के खिलाफ हैं. जोड़े को डर था कि उनका उत्पीड़न किया जाएगा या उनकी जान ले ली जाएगी. इसी कारण से उन्होनें हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. अदालत ने इस पर ध्यान दिया है कि लड़का-लड़की दोनों ही व्यस्क हैं. जिसमें लड़की की उम्र 19 साल और लड़के की 24 साल है. कोर्ट ने दोनों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए कहा है.

अन्य खबरें