इलाहाबाद हाईकोर्ट का अहम फैसला, बालिग लड़की मर्जी से लड़के के साथ जाए तो अपहरण नहीं

MRITYUNJAY CHAUDHARY, Last updated: Fri, 25th Feb 2022, 9:16 PM IST
  • इलाहाबद हाईकोर्ट बलिक लड़की का अपनी मर्जी से किसी के साथ रहने और शादी करने के अधिकार को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया. इलाहबाद हाईकोर्ट ने कहा कि बालिग लड़की का अपनी मर्जी से लड़के के साथ जाती है तो वह अपहरण के अपराध में नहीं आएगा.
बालिग लड़की का अपनी मर्जी से लड़के के साथ जाने पर अपहरण का अपराध नहीं: इलाहबाद हाईकोर्ट

प्रयागराज. इलाहबाद हाईकोर्ट ने बालिग लड़की का अपनी मर्जी से किसी के साथ रहने और शादी करने को लेकर अहम फैसला सुनाया. हाईकोर्ट ने कहा कि यदि लड़के की उम्र 21 साल से कम है तो शादी शून्य नहीं होगी बल्कि सुनीकरणीय मणि जाएगी. यह शादी हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा 18 के तहत दंडनीय हो सकती है लेकिन शादी पर सवाल नहीं उठाया जा सकता है. इसके साथ ही इलाहबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अगर बालिग लड़की अपनी इच्छा से लड़के साथ जाती है तो इसे अपहरण नहीं माना जाएगा. बालिग लड़की को अपनी मर्जी से किसी के साथ रहने और शादी करने का अधिकार है.

इलाहबाद हाईकोर्ट ने यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र एवं न्यायमूर्ति शमीम अहमद की खंडपीठ ने प्रतीक्षा सिंह कि याचिका को मंजूर करते हुए सुनाया. दरअसल चंदौली के कंदवा थाने में लड़की के पिता ने लड़के के खिलाफ अपहरण करने का FIR दर्ज करवाया था. साथ ही आरोप लगाया था कि लड़की को या तो बेच दिया या हत्या कर दी है. इस FIR के खिलाफ लड़की प्रतीक्षा सिंह और उसके पति करन सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कि थी.

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इलाहबाद हाईकोर्ट में दोनों ने याचिका दायर कर कहा कि हमने अपनी मर्जी से शादी की है और वह अपने पति के साथ खुशी से रह रही है. उसका अपहरण नहीं किया है, इसलिए एफआईआर रद्द किया जाए. इस याचिका पर कोर्ट की तरफ से जब जवाब मांगा गया तो लड़की के पिता ने कहा कि लडके की आयु 21 वर्ष से कम होने के कारण शादी अवैध है. जिसके चलते एफआईआर रद्द नहीं की जा सकती है. जिसपर हाईकोर्ट ने कहा कि कानून के अनुसार लड़की की आयु 18 वर्ष से अधिक और लड़के की 21 साल से कम है. दोनों अपनी मर्जी से शादी कर साथ में रह रहे है. ऐसे में अपहरण का अपराध नहीं बनता है.

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