इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 135 साल में चौथी विदेशी छात्रा दीया लक्ष्मी ने की हिंदी में PhD

Deepakshi Sharma, Last updated: Sun, 10th Oct 2021, 1:36 PM IST
  • इलाहाबाद विश्वविद्यालय से 135 साल में चौथी विदेशी छात्र दीया लक्ष्मी बंधन ने अपनी पीएचडी पूरी कर ली है. उन्होंने हिंदी के विषय में अपना शोर्ध कार्य पूरा किया है.
135 साल में चौथी विदेशी छात्र दीया लक्ष्मी बंधन ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पूरी की पीएचडी

प्रयागराज. पूरब के ऑक्सफोर्ड के नाम से पहचाने जाने वाला इलाहाबाद विश्वविद्यालय एक नया वजह के चलते चर्चा का विषय बना हुआ है. दरअसल इलाहाबाद विश्वविद्यालय के 135 साल के अब तक के इतिहास में हिंदी विषय से चौथे विदेशी विद्यार्थी के तौर पर मारीशस की दीया लक्ष्मी बंधन ने अपनी पीएचडी पूरी कर ली है. दीया ने विभाग के डॉ. सूर्य नारायण के अंतर्गत अपने शोध कार्य को पूरा करने का काम किया.

दीया लक्ष्मी बंधन से पहले पद्म भूषण फादर कामिल बुल्के और श्रीलंका के लक्ष्मण सेनेविरतने और ईजीपी गुणासेना ने हिंदी विभाग से डीफिल की डिग्री प्राप्त करने काम किया. देखा जाए तो विश्वविद्यालय से करीब 18 विदेशी छात्रों ने विभिन्न-विभिन्न विषय में अपने शोध कार्य को पूरा करने का काम किया है. ऐसे में 19वीं नंबर अब इस लिस्ट में दीया का आ गया है.

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इस पूरे विषय को लेकर बात करते हुए डॉ. सूर्य नारायण सिंह ने बताया कि मॉरीश, की दीया लक्ष्मी बंधन ने मारीशस के प्रेमचंद कहलाने वाले अभिमन्यु अनत के कथा साहित्य को लेकर अपना शोध कार्य पूरा किया था. उनका ऑनलाइन वायवा शुक्रवार के दिन लिया गया. डॉ. सूर्य नारायण ने बताया कि हिंदी विभाग में फादर कामिल बुल्के ने डॉक्टर माता प्रसाद गुप्त के निर्देशन में अपना शोध कार्य पूरा किया. वही, श्रीलंका के लक्ष्मण सेनेविरतने और ईपीजी गुणासेना ने प्रोफेसर रामकिशोर शर्मा के साथ डीफिल अपना काम पूरा किया. हिंदी विभाग से डीफिल की उपाधि हासिल करने वाली दीया लक्ष्मी चौथी विदेशी विद्यार्थी है. डॉ. सूर्य ने ये भी बताया कि विदेशी छात्र को शोध कराने वाले तीसरे शोध निदेशक है.

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