प्रयागराज में मांगों को लेकर सड़क पर उतरे BKU नेता, प्रशासन ने सारी शर्तें की स्वीकार

ABHINAV AZAD, Last updated: Fri, 19th Nov 2021, 8:05 AM IST
  • प्रयागराज में भारतीय किसान यूनियन के किसानों ने धान क्रय केंद्रों की गड़बड़ी और खाद की कालाबाजारी के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया. हालांकि देर शाम तक प्रशासन ने किसानों की मांगे स्वीकार कर ली. जिसके बाद किसानों ने अपना विरोध-प्रदर्शन खत्म किया.
धान क्रय केंद्रों की गड़बड़ी और खाद की कालाबाजारी के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करते BKU नेता.

प्रयागराज. गुरूवार को भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के नेतृत्व में सैकड़ों किसान सड़क पर उतर आए. दरअसल, भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट किसान धान क्रय केंद्रों की गड़बड़ी और खाद की कालाबाजारी को लेकर अपना विरोध जता रहे थे. साथ ही प्रशासन से किसानों की कई अन्य मांगों पर ध्यान देने की बात की. इस दौरान किसानों ने एक महीने के राशन के साथ सिविल लाइंस पत्थर गिरजाघर के पास जब बेमियादी प्रदर्शन शुरू किया तो प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए.

किसानों के इस प्रदर्शन ने प्रशासन की चुनौती बढ़ा दी. जिसके बाद प्रशासन के लोग किसी तरह किसानों को समझाने-बुझाने में लग गए. हालांकि देर शाम तक अफसरों को भेजकर किसानों को मना लिया गया. साथ ही किसानों की मांगें भी मान ली गई. जिसके बाद प्रदर्शन कर रहे किसान पीछे हटे. किसानों के पीछे हटने के बाद प्रशासन ने चैन की सांस ली. इस बीच भारतीय किसान यूनियन यानी भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने 26 नवंबर को शक्ति प्रदर्शन व 29 नवंबर को संसद भवन पर ट्रैक्टर से कूच करने को लेकर पदाधिकारियों को तैयार रहने का आह्वान किया.

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गौरतलब है कि 26 नवंबर को किसानों के आंदोलन को एक साल पूरा हो जाएगा. किसान इस साल भी संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर 26 नवंबर को शक्ति प्रदर्शन और 29 नवंबर को संसद भवन पर ट्रैक्टर से कूच करेंगे. इस बाबत भाकियू राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि एक साल होने को है. सरकार किसानों की बात सुनने को तैयार नहीं है. बिना मांग पूरी हुए किसान बॉर्डर नहीं छोड़ेंगे. पदाधिकारी व कार्यकर्ता लंबे आंदोलन के लिए कमर कस लें. अपने-अपने टेंटों को दुरुस्त करें. साथ ही उन्होंने कहा कि खाने-पीने से लेकर सर्द मौसम के जरूरी सामान संग बॉर्डर पर पहुंचे. उन्होंने कहा कि लड़ाई लंबी चलेगी. सरकार किसानों को थकाना चाहती है और किसान थकने वाला नहीं है.

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