प्रयागराज गंगा यमुना नदी में स्क्रीमर बोट से तैरते कचरे की सफाई शुरू

Smart News Team, Last updated: Fri, 24th Dec 2021, 8:40 AM IST
प्रयागराज माघ मेला को लेकर गंगा यमुना नदी की सफाई को लेकर खास ध्यान रखा जा रहा है. इसके लिए गंगा-यमुना नदी में तैरते कचरे की स्क्रीमर बोट से सफाई शुरू हो गई. अब प्रयागराज माघ मेला में डुबकी लगाने वालों को संगम में तैरती गंदगी नहीं दिखेगी. इससे गंगा यमुना संगम के जलीय जीवों का जीवन भी सुरक्षित रहेगा.
प्रयागराज गंगा यमुना नदी में स्क्रीमर बोट से तैरते कचरे की सफाई शुरू 

प्रयागराज. प्रयागराज माघ मेला को लेकर गंगा-यमुना नदी में तैरते कचरे की स्क्रीमर बोट से सफाई शुरू हो गई. बता दें कि बीते गुरूवार को महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने नदियों की सफाई के लिए आई विशेष बोट का लोकार्पण किया. लोकार्पण समारोह में महापौर ने कहा कि इस बार माघ मेला में डुबकी लगाने वालों को संगम में तैरती गंदगी नहीं दिखेगी. इससे गंगा, यमुना के जलीय जीवों का जीवन भी सुरक्षित रहेगा.

इसके आगे महापौर ने कहा कि गंगा, यमुना में अन्य पूजन सामग्री प्रवाहित करने की परंपरा है. जो कि यह सामग्री नदियों में कचरा बन कर तैरती है. उन्होंने बताया कि अब स्क्रीमर बोट तैरती गंदगी साफ करने के अलावा नदी के तीन फीट नीचे का कचरा भी निकाल लेगी. वहीं, बोट से जलकुम्भी भी साफ की जा सकेगी.

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समारोह में नगर आयुक्त रवि रंजन ने कहा कि प्रयागराज नदियों का शहर है. उन्होंने 2019 प्रयागराज कुम्भ मेला को लेकर कहा कि संगम क्षेत्र की सफाई की सर्वत्र प्रशंसा हुई. 2019 में हुए कुम्भ में भी स्क्रीमर बोट आई थी. नदियों की सफाई के लिए स्थायी स्क्रीमर बोट की जरूरत महसूस हुई. यह स्क्रीमर बोट नगर निगम ने खरीदी. समरोह के बाद रवि रंजन ने संगम नदी की पूजा भी की.

बता दें कि, समारोह में पार्षद नीलम यादव, अलका श्रीवास्तव, सुनीता श्रीवास्तव, कुसुमलता गुप्ता, मनोज कुशवाहा, शिव कुमार, सबीना यास्मीन सिद्धकी, आकाश सोनकर, साहिल अरोरा, मंजीत कुमार, पवन श्रीवास्तव, कमलेश तिवारी, मुख्य अभियंता सतीश कुमार, जोनल अधिकारी संजय ममगई, पर्यावरण अभियंता उत्तम कुमार वर्मा, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक डीपी सिंह एवं जितेंद्र गांधी आदि लोग उपस्थित रहे.

क्या है स्क्रीमर बोट की खासियत

पौने दो करोड़ में खरीदी गई स्क्रीमर बोट

पांच साल तक बोट का रखरखाव करेगी एजेंसी

35-50 इंच पानी में हो सकेगा बोट का संचालन

तीन टन तक कूड़ा रखने का बोट में स्टोर

बोट से कूड़ा लेकर नदियों किनारे रखा जाएगा

बता दें कि, दशाश्वमेध घाट से संगम, अरैल, बलुआघाट होकर करेलाबाग तक स्क्रीमर बोट से सफाई होगी.

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