बम से उड़ा देने की धमकी के बाद प्रयागराज स्टेशन पर हाई अलर्ट, पुलिस बल की तैनाती

Somya Sri, Last updated: Mon, 1st Nov 2021, 7:55 AM IST
  • हापुड़ स्टेशन अधीक्षक को मिले लेटर में 6 दिसंबर को प्रयागराज स्टेशन उड़ाने की धमकी दी गयी है. जिसके बाद से प्रयागराज स्टेशन पर चौकसी बढ़ा दी गयी है. यात्रियों के बैग खंगाले जा रहे हैं. स्टेशनों पर कड़ी सुरक्षा है. कंट्रोल रूम से सभी स्टेशन पर निगरानी रखी जा रही है. सिविल पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ सक्रिय हो गया है.
बम से उड़ा देने की धमकी के बाद प्रयागराज स्टेशन पर हाई अलर्ट, पुलिस बल की तैनाती (फाइल फोटो)

प्रयागराज: लश्कर ए तैयबा आंतकी संगठन के धमकी के बाद से ही प्रशासन अलर्ट मोड में हैं. हापुड़ स्टेशन अधीक्षक को मिले लेटर में 6 दिसंबर को प्रयागराज स्टेशन उड़ाने की धमकी दी गयी है. जिसके बाद से प्रयागराज स्टेशन पर चौकसी बढ़ा दी गयी है. यात्रियों के बैग खंगाले जा रहे हैं. स्टेशनों पर कड़ी सुरक्षा है. कंट्रोल रूम से सभी स्टेशन पर निगरानी रखी जा रही है. सिविल पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ सक्रिय हो गया है. हालांकि अभी तक किसी भी स्टेशन से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है.

बता दें कि 14 सितंबर को दिल्ली की स्पेशल सेल ने यूपी एटीएस की मदद से एक ऑपरेशन कर जीशान को गिरफ्तार किया था. उसकी निशानदेही पर पुलिस बल ने आईईडी, हैंडग्रेनेड, भारी मात्रा में कारतूस बरामद किया था. पुलिस ने बताया था कि जीशान पाकिस्तान में रहकर आंतकी ट्रेनिंग ले चुका है. इस ऑपरेशन के बाद ही धमकी से भरा लेटर मिला है तो प्रशासन अलर्ट मोड में है. बताया जा रहा है कि खुफिया एजेंसियों को धमकी मिली है कि लश्कर ए तैयबा आंतकी संगठन यूपी के 46 स्टेशनों को बम से उड़ा देगी.

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धमकी के बाद से ही रेलवे प्रशासन हाई अलर्ट मोड में हैं. वे किसी भी चूक को बर्दाश्त नहीं करना चाहते हैं. यही कारण है कि यूपी के कई स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी की तैनाती कर दी गयी है. आरपीएफ और जीआरपी स्टेशनों पर कड़ी निगरानी रखी हुई है. फ़ोर्स टीम चप्पे चप्पे पर चेकिंग कर रही है.

मालूम हो कि अभी दीवाली और छठ पर्व आने वाला हैं. इस दौरान लोग ज्यादा सफर करते हैं. दफ्तर से घर जाने के लिए ट्रेन की टिकट बुकिंग महीनों से चल रही होती है. ऐसे में लश्कर ए तैयबा द्वारा इस प्रकार की धमकी से प्रशासन कोई चूक नहीं करना चाहती है. वहीं अगले साल यूपी विधानसभा चुनाव है. जिसे लेकर योगी आदित्यनाथ की सरकार भी तैयारियों में जुटी है. इस दौरान अगर आंतकी संगठन द्वारा कुछ भी घटना होती है तो इससे कहीं न कहीं यूपी प्रशासन पर सवाल खड़े हो सकते हैं. जिसका असर वोट बैंक पर पड़ सकता है.

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