महंत नरेंद्र गिरि केस: आनंद गिरी सहित तीन आरोपियों के खिलाफ CBI ने दाखिल की चार्जशीट

Sumit Rajak, Last updated: Sun, 21st Nov 2021, 9:32 AM IST
  • अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआई ने जेल में बंद मुख्य आरोपी आनंद गिरि और अन्य के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने की चार्जशीट दाखिल की है. महंत नरेंद्र गिरि 20 सितंबर को प्रयागराज में अपने आश्रम में मृत पाए गए थे. सीबीआई ने तीन आरोपियों आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है. सीजेएम कोर्ट सुनवाई के लिए 25 नवम्बर की तारीख तय की है.
महंत नरेंद्र गिरि (फाइल फोटो)

प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत के मामले से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है. दरअसल इस मामले की जांच कर रही सीबीआई (CBI) ने चार्जशीट दाखिल किया है. सीबीआई ने जेल में बंद मुख्य आरोपी आनंद गिरि और अन्य के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने की प्रयागराज की सीजेएम कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है

बता दें कि जेल में बंद तीन आरोपियों का नाम आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी है. सीबीआइ ने लगभग दो महीने तक चली लंबी जांच पड़ताल के बाद शनिवार को सीजेएम कोर्ट में तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है. सीबीआई ये मान कर चल रही है कि ये तीनों ही महंत नरेंद्र गिरि के खुदकुशी के जिम्मेदार हैं. सीजेएम कोर्ट ने चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए सुनवाई के लिए 25 नवम्बर की तारीख तय की है. मामले को लेकर अब तक करीब 152 लोगों से पूछताछ हुई है. कोर्ट ने सुनवाई के लिए 25 नवंबर 2021 की तारीख तय की है. महंत नरेंद्र गिरि 20 सितंबर को प्रयागराज में अपने आश्रम में मृत पाए गए थे.

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महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध हालत में मृत्यु मामले में तीन आरोपियों आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होने के बाद इनकी मुश्किलें बढ़ने वाली हैं. कोर्ट ने आनंद गिरी की जमानत की अर्जी को खारिज कर चुकी. अब इस मामले को लेकर कोर्ट ने सुनवाई के लिए 25 नवंबर 2021 की तारीख तय की है.

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत 20 सितंबर को हुई थी. उनका शव प्रयागराज के श्री मठ बाघम्बरी गद्दी में अतिथि कक्ष के कमरे में पंखे में बंधी रस्सी से लटकता हुआ पाया गया था. सेवादारों ने कहा कि शाम चार बजे तक महंत अपने कमरे से बाहर नहीं आए और आवाज देने पर भी जवाब नहीं दिया तब धक्का देकर दरवाजे को खोला गया था.जब रस्सी काटकर फंदे से उतारने पर पता चला कि उनकी प्राण जा चुकी थी . उनके कमरे से आठ पन्ने का दोनों तरफ लिखा हुआ सुसाइड नोट भी मिला था. सुसाइड नोट में महंत ने  शिष्य आनंद गिरि, लेटे हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी और उसके पुत्र संदीप तिवारी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का जिम्मेदार बताया गया था. सुसाइड नोट के आधार पर ही प्रयागराज के जार्ज टाउन थाने में प्रथामिक दर्ज कराई गई थी. इसके बाद सरकार ने पूरे मामले की जांच सीबीआइ को सौंप दी थी. सीबीआइ ने करीब दो महीने की जांच के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी. तीनों आऱोपित 22 सितंबर को गिरफ्तारी के बाद से जेल में हैं.

 

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