महंत नरेंद्र गिरि के पार्थिव शरीर को बाघंबरी मठ में नींबू के पेड़ के नीचे दी जाएगी भू-समाधि !

Ankul Kaushik, Last updated: Wed, 22nd Sep 2021, 9:56 AM IST
  • महंत नरेंद्र गिरि के शव का पोस्टमार्टम हो गया है. अब उनका अंतिम संस्कार आज बाघंबरी मठ में ही एक नींबू के पेड़ के नीचे हो सकता है क्योंकि उनकी अंतिम इच्छा भी यही थी. महंत नरेंद्र गिरि ने भी अपने सुसाइड नोट में यही लिखा था कि उनकी समाधि बाघंबरी मठ में नींबू के पेड़ के पास दी जाए.
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (फाइल फोटो)

प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (एबीएपी) के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि सोमवार को प्रयागराज के बाघंबरी मठ में मृत पाए गए. आज बुधवार को इनका अंतिम संस्कार होना है जो बाघंबरी मठ में ही होगा. महंत नरेंद्र गिरि के शव का पोस्टमार्टम हो गया है और 12 बजे उनका अंतिम संस्कार होना है. महंत नरेंद्र गिरि के शव के पास एक सुसाइड नोट मिला जिसमें उनकी अंतिम इच्छा भी थी. महंत नरेंद्र गिरि ने अपने सुसाइड नोट में यही लिखा था कि उनकी समाधि बाघंबरी मठ में नींबू के पेड़ के पास दी जाए. अब देखना ये है कि महंत नरेंद्र गिरी की अंतिम इच्छा के अनुसार उनकी समाधि उनके गुरु की समाधि के बगल में ही रखी जाएगी या नहीं. वहीं प्रयागराज में महंत के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ को देखते हुए 12वीं तक के सभी स्कूल-कॉलेज में छुट्‌टी कर दी गई है.

महंत नरेंद्र गिरि के शव के पास से जो सुसाइड नोट मिला है वह मठ बाघांबरी के लेटर पैड पर लिखा हुआ 12 पन्नों का है जो दो लिफाफों में था. इस नोट में नरेंद्र गिरि ने अपनी मौत के लिए आनंद गिरि, आध्या तिवारी और संदीप तिवारी को जिम्मेदार ठहराया है. इस मामले में एडीजी लॉ प्रशांत कुमार के निर्देशानुसार यूपी पुलिस की एक टीम ने हरिद्वार से आनंद गिरी को हिरासत में लिया है.

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बता कि पिछले काफी दिनों से महंत आनंद गिरी और महंत नरेंद्र गिरी के साथ काफी विवाद चल रहा था. इन दोनों ने एक-दूसरे पर पैसों की हेराफेरी के आरोप लगाए थे. खबरों के अनुसार नरेंद्र गिरि ने आनंद गिरि को निरंजनी अखाड़े से निष्कासित कर दिया था और इसके बाद वह अपने परिवार के संपर्क में रहकर अखाड़े की परंपराओं के खिलाफ हो गया था. बता दें कि हाल ही में नरेंद्र गिरी ने अखाड़ा परिषद को राम जन्मभूमि ट्रस्ट में शामिल करने की भी मांग की थी.

 

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