माघ मेला में खलबली: गंगा में उफान से 40 संस्थाओं को टेंट खाली करने का निर्देश, Video

Sumit Rajak, Last updated: Thu, 13th Jan 2022, 9:39 AM IST
  • माघ मेला का पहला स्नान करीब आते ही परेशानी बढ़ गई है. आमतौर पर जनवरी में 75 से 76 मीटर के बीच रहने वाली गंगा का जलस्तर 77 मीटर पहुंचने से मेला प्रशासन में खलबली मच गई. महज तीन दिनों में 20 सेंटीमीटर जलस्तर बढ़ा तो प्राधिकरण ने गंगदीप पर बसी 40 संस्थाओं को सामान समेटने का निर्देश दे दिया. इन संस्थाओं को अब दूसरी जगह पर जमीन दी जाएगी.
माघ मेला में गंगा में उफान से 40 संस्थाओं को टेंट खाली करने का निर्देश

प्रयागराज. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेले का पहला स्नान करीब आते ही परेशानी बढ़ने लगी है. आमतौर पर गंगा का जलस्तर जनवरी में 75 से 76 मीटर के बीच रहता है. लेकिन गंगा का जलस्तर 77 मीटर पहुंचने से मेला प्रशासन में खलबली मच गई. महज तीन दिनों में 20 सेंटीमीटर जलस्तर बढ़ने से प्राधिकरण ने गंगदीप पर बसी 40 संस्थाओं को सामान समेटने का निर्देश दिया गया है. इन संस्थाओं को अब दूसरी स्थानों पर जमीन दी जाएगी.

मकर संक्रांति का पहला स्नान पर्व 14 और 15 जनवरी को मनाया जाएगा. माघ मेला के लिए कल्पवासियों का प्रयागराज आगमन भी हो गया है.अब संस्थाओं को दूसरी जगह जमीन देनेपर प्राधिकरण के काम को बढ़ा दिया गया है. बता दें कि कुछ दिन पहले जब गंगा का जलस्तर स्थिर रहने से प्रशासन को राहत मिली थी. वहीं पांटून पुल संख्या चार के पास गंगा के बीच टापू बन गया था. जिससे यहां पर 40 संस्थाओं को जमीन दी गई थी.यह वो संस्थाएं थीं जो रेलवे पुल के कारण दूसरी जगह बसायी जानी थी. गंगदीप पर संस्थाओं को राहत दी गई थी. लेकिन पिछले तीन-चार दिनों से जल प्रवाह में काफी तेजी से चल रही है. जिससे बुधवार को कटान बढ़ने से यहां पर स्थिति खतरनाक होने लगी. 

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अफसरों ने जलस्तर का निरीक्षण की तो पता चला की 77 मीटर पहुंच गया. तीन दिनों में 20 सेंटीमीटर तक अधिक हो गया था. जल प्रवाह और तेज हो सकता है. इसके बाद गंगदीप की 40 संस्थाओं को दूसरी जगह पर शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया. मेलाधिकारी शेष मणि पांडेय ने कहा कि जलस्तर बढ़ने के वजह से फिलहाल गंगदीप की संस्थाओं को शिफ्ट किया जा रहा है.

 

 

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