इलाहाबाद HC ने दिया किडनैप, रेप व जबरन शादी करने वाले आरोपी को झटका, याचिका की खारिज

Deepakshi Sharma, Last updated: Fri, 10th Sep 2021, 10:47 AM IST
  • इलाहाबाद हाईकोर्ट की तरफ से किडनैपिंग, रेप और जबरदस्ती शादी करने के आरोपी की गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग को लेकर दाखिल याचिका को खारिज कर दिया गया है. साथ ही बाकी अदालतों से भी ऐसे मामले में सावधानी बरतने के लिए कहा है.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लिया किडनैपिंग, रेप व जबरन शादी के मामले में बड़ा फैसला

प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बालिग लड़की को किडनैप करने के बाद रेप और जबरदस्ती शादी करने के आरोपी को सुरक्षा देने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है. हाईकोर्ट की ओर से आरोपियो द्वारा धोखा करके अदालत से सुरक्षा प्राप्त करने को कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग करार दिया है. साथ ही कोर्ट ने बाकी अदालतों से ऐसे मामलों में सावधानी रखने की बात कही है. कोर्ट ने ये तक कहा दिया कि कोई व्यक्तिगत स्वतंत्रता के आधार पर अपराध से बचने का इस्तेमाल न कर पाएं.

जस्टिस एसपी केसरवानी और जस्टिस पीयूष अग्रवाल की डिवीजन बेंच की तरफ से प्रयागराज के उतरांव थाना क्षेत्र के उमाशंकर मौर्य और रमाशंकर मौर्य की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिया. आरोपियों से बचने के बाद पीड़ित की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई. पीड़ित ने अपने बयान में आरोपों को मजिस्ट्रेट के सामने दोहराने का काम किया. उन्होंने कहा कि अपनी ही जाति के लड़के से सगाई 10 दिसंबर 2020 को हुई थी. 24 मई 2021 को दोनों की शादी होने वाली थी. शादी से पहले ही लेकिन याचियों और एक दूसरे व्यक्ति ने उसका किडनैप कर लिया.

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16 जून 2021 को महिलाओं एफआईआर दर्ज हुई थी. आरोप है कि 12 मार्च 2021 को याचियों ने युवती को किडनैप करने के बाद हाईकोईट में पीड़िता के नाम से याचिका दायर करने के बाद सरंक्षण आदेश ले लिया. कोई उन्हें परेशान करे तो एसएसपी उन्हें संरक्षण दें. कोर्ट की तरफ से ये कहा गया कि याची ने कोर्ट के साथ धोखा किया है. प्राथमिकी पर हस्तक्षेप से इनकार करते हुए कोर्ट ने याचिका को खारिज करने का काम किया है.

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