चुनावी समर्थन पर बोले टिकैत, सबका स्वागत, सभी को शुभकामनाएं, समर्थन किसी को नहीं

Indrajeet kumar, Last updated: Mon, 17th Jan 2022, 10:14 PM IST
  • भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने सोमवार को प्रयागराज में केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान और नरेश टिकैत की मुलाकात और सपा-रालोद गठबंधन को समर्थन देने के मामले पर बोले. उन्होंने कहा की उनके पास किसी भी दल का प्रत्याशी आएगा तो उसका स्वागत करेंगे और शुभकामनाएं देंगे. लेकिन समर्थन किसी को नहीं देंगे.
राकेश टिकैत (फाइल फोटो)

प्रयागराज. भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने सोमवार को प्रयागराज में चुनावी समर्थन के सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि वह विधानसभा चुनाव में किसी भी दल या गठबंधन को समर्थन नहीं देंगे. सिसौली में केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान और नरेश टिकैत की मुलाकात और सपा-रालोद के गठबंधन को समर्थन देने के सवाल पर उन्होंने साफगोई से जवाब देते हुए कहा कि हम सबका स्वागत करते हैं. हमारे पास जिस दल का भी प्रत्याशी आएगा हम उसे जीत की शुभकामनाएं देंगे. लेकिन समर्थन किसी को नहीं देंगे.

किसानों के लिए फ्री बिजली की मांग

राकेश टिकैत ने कहा कि प्रयागराज में संगम किनारे सिर्फ किसानों की समस्या पर चर्चा करने आए हैं. यहां कोई राजनैतिक बात नहीं होगी उन्होंने कहा कि हम किसानों पर किसी भी पार्टी को वोट देने का दबाव नहीं बनाते. किसानों के खातों में भेजी जा रही राशि और आय दोगुनी करने के सवाल पर भी राकेश टिकट ने उत्तर प्रदेश सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि सब झूठ है सरकार को झूठ बोलने के लिए गोल्ड मेडल मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा है. कई राज्यों में किसानों को बिजली फ्री में मिल रही है. यूपी के लिए भी फ्री बिजली देने की मांग की गई तो सरकार ने सब्सिडी दी.

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गन्ना किसानों का मुद्दा

उन्होंने गन्ना किसानों के मुद्दे पर कहा कि गन्ना किसानों का भुगतान रुका है. इस बात को लेकर किसानों में काफी नाराजगी है, नेता वोट मांगने आएंगे तो किसान यह सवाल जरूर करेंगे. उन्होंने कहा कि उनकी मांग के बाद ही आज फ्री बिजली कई पार्टियों का चुनावी चुनावी मुद्दा है. टिकैत ने कहा कि हम इन्हीं मुद्दों को लेकर अगले महीने किसानों के बीच जाएंगे और क्या खोया क्या पाया मुद्दे पर किसानों से सीधे बातचीत करेंगे. उन्होंने कहा कि किसान धर्म और जाति के नाम पर बंटे हैं. 13 महीने के आंदोलन के बाद किसान फसल और विकास के मुद्दे पर वोटिंग करता है तो इसका असर दिखेगा. टिकैत ने इस दौरान खनन में किसानों को कुछ राहत देने के लिए सरकार की तारीफ भी की.

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