पत्नी को सहायक अध्यापक नियुक्त करना DIOS को पड़ा भारी, बड़ी कार्रवाई की हुई तैयारी

Deepakshi Sharma, Last updated: Fri, 10th Sep 2021, 9:26 AM IST
  • प्रयागराज के नूरजहां बालिका जूनियर हाईस्कूल बहादुरगंज में अपनी पत्नी को सहायक अध्यापक नियुक्त करने के मामले में डीआईओएस फंसते दिखे. इस मामले को लेकर नोटिस तक जारी कर दिया गया है. साथ ही बीएसए प्रयागराज से एक हफ्ते में रिपोर्ट तक तलब की है. इस मामले में एक बड़ी कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है.
पत्नी को सहायक अध्यापक नियुक्त कराने पर फंसे DIOS

प्रयागराज. प्रयागराज के नूरजहां बालिका जूनियर हाईस्कूल बहादुरगंज में नियुक्त के लिए मंजूरी देना एक डीआईओएस के लिए मुसीबत बन गया. मामले का पता लगते ही उप शिक्षा निदेशक की ओर से उन्हें नोटिस तक जारी कर दिया गया. वही, बीएसए प्रयागराज से एक हफ्ते में रिपोर्ट तक तलब की है. इस वक्त शिक्षा विभाग में काफी सारी गड़बड़ी से जुड़े मामले सामने आ रहे हैं. हाल ही में जो मामला सामने आया है वो जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. ब्रजेश से जुड़ा बताया जा रहा है.

उन पर अपनी पत्नी अवंतिका को प्रयागराज में सहायक अध्यापक के पद के लिए स्वीकृत करने का गंभीर आरोप लगा है. उन्हें इसके लिए उप शिक्षा निदेशक की तरफ से नोटिस भी जारी किया गया है. इस मामले की चर्चा इस वक्त जोरों पर है. दरअसल इस बात की शिकायत गाजीपुर के करीमुद्दीनपुर में मौजूद गोसलपुर गांव के रहने वाले शिव बचन पांडेय ने शपथ पत्र में 6 सितंबर 2021 को की थी. बाद में फिर इस मामले को लेकर उप शिक्षा निदेशक रमेश सिंह ने बीएसए प्रयागराज को एक पत्र लिखा. जिस पद के लिए बवाल मच रहा है उस पर नियुक्ति 2011 में हुई थी. उस वक्त डॉ. ब्रजेश मिश्र प्रयागराज के अंदर बीएसए के पद पर नियुक्त थे.

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नियमों के खिलाफ जाकर उन्होंने अपनी पत्नी अवंतिका को सहायक अध्यापक पद के लिए नियुक्त किया. इसी मालमे की जांच रिपोर्ट तलब हुई है. वही, दूसरी तरफ डीआईओएस ने उप शिक्षा निदेशक पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. वैसे देखा जाए तो इस मामले में बड़ी कार्रवाई की तैयारी इस वक्त चल रही ही है.

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डॉ ब्रजेश मिश्र ने दी सफाई

वही, इस पूरे मामले को लेकर डॉ. ब्रजेश मिश्र का ये कहना है कि उन्होंने नियम के विरोध जाकर कोई भी काम नहीं किया है. उस वक्त अपने जानने वाले और संबंधियों को नियुक्त करने का अधिकार था. इस मामले को सिर्फ उछालने का काम किया जा रहा है. इसका कारण ये है कि उप शिक्षा निदेशक रमेश सिंह ने अपने बलिया में कार्यकाल के वक्त कई गलत भुगतान किए है. इसलिए वो इस केस के जरिए सभी का ध्यान भटकाना चाह रहे हैं. इन सबके बावजूद वह जांच अधिकार का पूरा सहयोग करने वाले हैं.

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