Dhanteras 2021: इस विधि से करें धनतेरस पूजा, मिलेगा भगवान धन्वंतरि का आशीर्वाद

Pallawi Kumari, Last updated: Tue, 2nd Nov 2021, 4:20 PM IST
  • धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है. धन्वंतरि को धन का देव कहा जाता है. भगवान धन्वंतरि की पूजा में घर में कभी धन धान्य की कमी नहीं होती और व्यक्ति सभी रोगों से मुक्त रहता है. जानें धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा करने की ये खास विधि.
धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि  की पूजा विधि.

आज पूरे देशभर में धनतेरस का पवन त्योहार मनाया जारहा है. धनतेरस को लेकर पौराणिक मानयता के मुताबिक कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को समुंद्र मंथन के दौरान अपने हाथ में अमृत कलश के साथ भगवान धन्वंतरि प्रकट हुए थे. तब से इसी दिन धनतेरस का त्योहार मनाया जाने लगा और इस दिन भगवान धन्वंतरि के जन्मदिवस के रूप में उनकी पूजा की जाती है. शास्त्रों में भगवान धन्वंतरि को विष्णु जी का अवतार कहा जाता है. हर साल धनतरेस के मौके पर भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है. इस साल धनतेरस 2 नवंबर 2021 को है. आइये जानते हैं धनतरेस के दिन कैसे करें भगवान धन्वंतरि की पूजा और क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त.

भगवान धन्वंतरि की पूजा विधि- धनतेरस के दिन के आप सबसे पहले अपने सामार्थ्य के अनुसार कोई भी नई वस्तु अवश्य खहीदें. इसके बाद शाम के समय भगवान धन्वंतरि की पूजा करें. शाम को माता लक्ष्मी, गणेश, कुबरे और भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है. सभी देवी देवताओं की मूर्ति एक साथ रखें फिर मूर्ति पर तिलक करें और फूल, फल , प्रसाद चढ़ा कर पूजा करें. इसके बाद धूप या दीप जलाएं. इसके भगवान धन्वंतरि के मंत्र ‘ओम धन्वंतरये नमः॥’ का उच्चारण करें और अंत में आरती करें. पूजा के बाद आप सरसों के तेल का दीप जलाएं और घर के मुख्य द्वार पर रख दें.

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बता दें कि भगवान धन्वंतरि को आरोग्य देवता भी कहा जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान धनवन्तरि ने कई जीवनदायी औषधियों की खोज कर लोगों की जान बचाई. इसलिए ऐसा कहा जाता है कि भगवान धन्वंतरि की पूजा करने से व्यक्ति रोगामुक्त रहता है.

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