सराहनीय: पॉलीथिन के खिलाफ जंग में मिसाल बना प्रयागराज का यह उच्च प्राथमिक विद्यालय

ABHINAV AZAD, Last updated: Mon, 13th Sep 2021, 11:40 AM IST
  • बहरिया का उच्च प्राथमिक विद्यालय हेतापट्टी समुदाय व बच्चों के साथ मिलकर पिछले दो सालों से पॉलीथिन का उपयोग रोकने पर काम कर रहा है. स्कूल प्रशासन समय-समय पर बच्चों के बीच पेंटिंग प्रतियोगिता तथा रोलप्ले करवा कर भी इस मुहिम को आगे बढ़ा रहा है.
बहरिया का यह उच्च प्राथमिक विद्यालय पॉलीथिन के खिलाफ जंग में मिसाल पेश कर रहा है.

प्रयागराज. भारत समेत पूरी दुनिया में ग्लोबल लेवल पर पॉलीथिन के खिलाफ जंग जारी है. भारत में प्रशासनिक मशीनरी पॉलीथिन रोकने में फेल हो रहा है. ऐसे में प्रयागराज का एक स्कूल आगे आया है. दरअसल, इस स्कूल ने सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ मुहिम शुरू किया है. बहरिया का उच्च प्राथमिक विद्यालय हेतापट्टी समुदाय व बच्चों के साथ मिलकर पिछले दो सालों से पॉलीथिन का उपयोग रोकने पर काम कर रहा है.

इस स्कूल की खास बात यह है कि बच्चों के अलावा अभिभावकों को अनिवार्य रूप से ये शपथ लेनी होती है कि वे पॉलीथिन का प्रयोग कम से कम करेंगे या फिर बिल्कुल नहीं करेंगे. विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक तथा अन्य बैठकों में अभिभावकों समेत आने वाले लोगों को भी यह शपथ दिलाई जाती है. दरअसल, स्कूल प्रशासन समय-समय पर बच्चों के बीच पेंटिंग प्रतियोगिता तथा रोलप्ले करवा कर भी इस मुहिम को आगे बढ़ा रहा है. स्कूल के बच्चे बताते हैं कि उनके जानवर पॉलीथिन खाकर मर जाते हैं. इसलिए स्कूल के वार्षिकोत्सव समेत अन्य कार्यक्रमों में खाने-पीने के लिए पॉलीथिन के बजाय कागज की प्लेट और गिलास का ही उपयोग होता है.

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प्रभारी प्रधानाध्यापिका श्वेता सिंह के मुताबिक, उन्होंने बच्चों से बातचीत के आधार पर एक छोटी कहानी तैयार की. उन्होंने उसे कॉमिक्स के रूप में बच्चों को पढ़ने को दिया. वसुधा लायंस क्लब से स्कूल को मिली सिलाई मशीन से झोले बनवाकर गांव में कुछ दुकानदारों को बांटकर पॉलीथिन में सामान नहीं देने के लिए प्रेरित किया. पॉलीथिन कितनी खतरनाक है यह बच्चे कई तरह के प्रयोगों से लोगों को दिखाने का काम कर रहे हैं.

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