छत्तीसगढ़ के दवा बाजार पर कब्जा करेगी रिलायंस और टाटा, छोटे मेडिकल स्टोर वालों को नुकसान

Swati Gautam, Last updated: Wed, 12th Jan 2022, 4:59 PM IST
  • बहुत जल्द अब रिलायंस और टाटा जैसी बड़ी कंपनियां 10 हजार करोड़ से अधिक के दवा कारोबार के जरिए बाजार में उतरने की फिराक में हैं. रिलायंस कंपनी द्वारा रायपुर में करीब 12 मेडिकल स्टोर खोले भी जा चुके हैं. थोक दवा व्यापारी इससे परेशान नजर आ रहे हैं. उनका कहना है कि ये कंपनियां सस्ते में दवा बेचती हैं जिससे उनके व्यापार में नुकसान हो रहा है.
रिलायंस और टाटा जैसी बड़ी कंपनियां खोलेंगी मेडिकल दुकानें, छोटे केमिस्टों को भारी नुकसान. file photo

रायपुर. बहुत जल्द अब रिलायंस और टाटा जैसी बड़ी कंपनियां 10 हजार करोड़ से अधिक के दवा कारोबार के जरिए बाजार के उतरने की फिराक में हैं. अब आपको बाजारों में कारपोरेट हाउस और थोक दवा व्यापारियों की अलग-अलग मेडिकल दुकानें देखने को मिलेंगी. साथ ही दोनों दुकानों पर दवाओं के दाम भी अलग होंगे. इसकी शुरुआत रिलायंस कंपनी कर भी चुकी है. रिलायंस कंपनी द्वारा राजधानी में करीब 12 मेडिकल स्टोर खोले जा चुके हैं. इसके बाद अब टाटा कंपनी भी जल्द ही राजधानी में कई नई दवा के दुकामे खोलने जा रही है.

रिलायंस और टाटा जैसी बड़ी कंपनियों का दवा कारोबार में उतरने का फैसला निजी दवा व्यापारियों पर भारी पड़ने वाला है. थोक दवा व्यापारी भी बड़ी कंपनियों के इस फैसले से परेशान नजर आ रहे हैं. उनका कहना है कि दवा कंपनियों द्वारा कारपोरेट हाउस और थोक दवा व्यापारियों के लिए दवाओं की अलग-अलग कीमत है. दवा कंपनियां कारपोरेट हाउस या बड़ी कंपनियों को कम कीमत पर दवाएं उपलब्ध करा रही हैं जिससे ये बड़ी कंपनियों ग्राहकों को भी काम कीमत पर दावा बेच रहे हैं जबकि दावा कंपनिया थोक दवा व्यापारियों को महंगी दवा बेच रही हैं जिससे उन्हें दवाएं अधिक कीमत पर बेचनी पड़ती हैं.

प्लास्टिक फ्री रायपुर बनाने को मेयर की पहल, शादी- बर्थडे के लिए किराए पर मिलेंगे स्टील के बर्तन

थोक दवा व्यापारियों का कहना है कि जब टाटा और रिलायंस जैसी बड़ी कंपनियां बाजार में जगह-जगह मेडिकल स्टोर खोल देंगे और कम कीमत पर दवाई बेचेंगे तो थोक दवा व्यापारियों से कोई भी महंगी दवा नहीं खरीदेगा. इससे उनका व्यापार बंद होने तक की नौबत आ सकती है. व्यापारियों ने कहा कि इस संबंध में हम ने राष्ट्रीय स्तर पर हमने इस समस्या को लेकर दवा कंपनियों व दवा संघ से भी शिकायत की है. बता दें कि राज्य में 3,000 से अधिक मेडिकल दुकानें हैं. बड़ी कंपनियों द्वारा दवा बाजार में उतरने पर यहां अधिक दवा दुकानें खुलेंगी.

अन्य खबरें