CGBSE: छत्तीसगढ़ बोर्ड 10वीं-12वीं की परीक्षाएं 2 मार्च से, ऑफलाइन होंगे एग्जाम

Smart News Team, Last updated: Fri, 11th Feb 2022, 4:56 PM IST
  • छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 12वीं की 2 मार्च व 10वीं की 3 मार्च से बोर्ड परीक्षाएं आयोजित कराने का फैसला किया है. ये परीक्षाएं ऑफलाइन मोड में कराई जाएंगी. कोरोना महामारी को देखते हुए बोर्ड नें इसके लिए राज्य भर में 6787 परीक्षा केंद्रों बनाए हैं.
2 मार्च से शुरु होंगी छत्तीसगढ़ 10वीं-12वीं बोर्ड की परीक्षाएं

रायपुर. छत्तीसगढ़ में कोविड को मद्देनजर रखते हुए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं-12वीं बोर्ड की परीक्षाओं के लिए परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है. मान्यता प्राप्त 6787 स्कूलों को परीक्षा 2022 के लिए केंद्र बनाया गया है, जिससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा सके. इस योजना के तहत इन केंद्रों में वो साढ़े छह लाख स्टूडेंट्स परीक्षा में शामिल होंगे, जिनकी पढ़ाई फिलहाल ऑनलाइन चलाई जा रही है.

प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल से मान्यता प्राप्त 6787 स्कूल हैं. इन बढ़ाए जाने वाले केंद्रों में कोरोना से संक्रमित विद्यार्थियों के लिए भी परीक्षा की विशेष व्यवस्था करने की बात चल रही है. माध्यमिक शिक्षा मंडल ने साफतौर पर कहा है कि जो विद्यार्थी जिस स्कूल में पढ़ते हैं उसे उसी स्कूल में परीक्षा देनी होगी. साथ ही प्राइवेट फार्म भरने वाले स्टूडेंट्स उसी स्कूल में परीक्षा दे सकेंगे, जहां से उन्होंने आवेदन किया है.

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वहीं केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने (CBSE) ने 10वीं और 12वीं बोर्ड की टर्म 2 परीक्षा की तारीख जारी कर दी है. सीबीएसई ने एक नोटिस जारी कर परीक्षा की तारीख की घोषणा की है, जो 26 अप्रैल से शुरू होंगी. सीबीएसई ने बताया कि इस बार की परीक्षा ऑफलाइन ही जाएगी.

2 मार्च से शुरू हो रहे एग्जाम

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल इस बार हायर सेकेंडरी सर्टिफिकेट परीक्षा 2 मार्च से शुरू कर रही है. कक्षा 12वीं की परीक्षाएं 2 मार्च से शुरू होकर 30 मार्च तक चलेंगी. वहीं कक्षा दसवीं की परीक्षा का आयोजन 3 मार्च से 23 मार्च तक किया जाएगा.

कोरोना के चलते रद्द हुईं परिक्षाएं

छत्तीसगढ़ में कोरोना की दूसरी लहर के चलते 2020-2021 की बोर्ड परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी. 10वीं के परीक्षार्थियों को उनके असाइनमेंट के आधार पर नंबर दिए गए थे. वहीं 12वीं की परीक्षा पहले स्थगित की गई, बाद में इसका तरीका बदल दिया गया. परीक्षार्थियों को केंद्रों से प्रश्नपत्र मिले, जिसका जिसका उत्तर उन्हें घर से लिखकर लाना और फिर जमा कराना था.

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