छत्तीसगढ़ के इस गांव का बुरा हाल, पीने को है नाले का पानी और चलने को नहीं कोई सड़क

MRITYUNJAY CHAUDHARY, Last updated: Sat, 5th Feb 2022, 5:53 PM IST
  • छत्तीसगढ़ के बलरामपुर के गांव सनमंदरा के ग्रामीण नाले का गंदा पानी पीने के लिए मजबूर है. साथ ही गांव तक सड़क नहीं होने के चलते एम्बुलेंस भी नहीं पहुंचती है.
छत्तीसगढ़ के इस गांव का बुरा हाल, पीने को नाले का पानी और चलने को सड़क नहीं

रायपुर. छत्तीसगढ़ के बलरामपुर के लोग नाली और नालों से गन्दा पानी लेकर पीने को मजबूर है. बलरामपुर के सनमंदरा के ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कोई भी हैंडपंप नहीं है. जिसके चलते उन्हें नाली और लानों से गंदा पानी लेकर पीना पड़ता है. ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में ना ही पानी का कोई उचित स्रोत है और ना ही कोई अच्छी सड़क है. प्रशासन की तरफ से गांव में एक भी हैंडपंप नहीं लगाया गया है. पानी की सुविधा के नाम पर कंक्रीट का नाला है. जिसे पीने के लिए मजबूर है और बीमार पड़ते रहते है.

ग्रामीणों ने आगे बताया कि गांव में कुएं के निर्माण कि मंजूरी मिल गई है और उसका निर्माण भी शुरू हो गया है. साथ ही इसके निर्माण को लेकर ग्रामीणों कि शिकायत है कि इसका निर्माण मजदूरों के बजाय जेसीबी का इस्तेमाल किया जा रहा है. जिसके कारण रोजगार की उम्मीद कर रहे ग्रामीणों को मायूसी ही हाथ लगी है. ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पानी कि समस्या के साथ ही पक्की सड़क का नहीं होना भी है. जिसके चलते उन्हें गांव से बाहर जाने के लिए एक चट्टानी रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ता है.

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सनमंदरा के एक ग्रामीण ने बताया कि अगर गांव में कोई बीमार पड़ जाए तो हम उसे हॉस्पिटल ले जाने के लिए ऑटो या रिक्शा लेने के लिए गांव से करीब 5 किमी तक ले जाते है. इतना ही नहीं छात्र स्कूल जाने के लिए अपनी साइकल तक कंधे पर लेकर जाते है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि गांव तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण वहां पर कोई एम्बुलेंस भी नहीं आती है.

गांव में पानी और सड़क नहीं होने को लेकर जब जिला पंचायत सीईओ रीता यादव सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत सामुदायिक नलकूप बनाया जा रहा है. अगर और कुओं की जरूरत होगी तो हम उनकी भी व्यवस्था करेंगे. जहां तक ​​सड़क का सवाल है तो यह वन विभाग के अंतर्गत आता है. मैंने डीएफओ से बात की है, उन्होंने मुझे आश्वासन दिया है कि सड़क बन जाएगी.

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