Chhattisgarh PDS Scam: ईडी ने सीएम भूपेश बघेल पर लगाया पीडीएस स्कैम की जांच कमजोर करने का आरोप

Shubham Bajpai, Last updated: Tue, 28th Sep 2021, 7:13 PM IST
  • छत्तीसगढ़ के पीडीएस स्कैम मामले में ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि सीएम ने जांच को कमजोर किया. वहीं,  ईडी ने दो वरिष्ठ अधिकारियों पर जांच प्रभावित करने  का आरोप लगाते हुए उनकी अग्रिम जमानत रद्द करने की भी मांग की.
ईडी ने SC में सीएम भूपेश बघेल पर लगाया जांच को कमजोर करने का आरोप

रायपुर. छत्तीसगढ़ के पीडीएस स्कैम मामले में ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य के सीएम भूपेश बघेल पर कई गंभीर आरोप लगाए. ई़़डी ने सीएम पर मामले की जांच कमजोर करने का आरोप लगाया. सीएम पर आरोप लगाते हुए ईडी ने कहा कि इस मामले में शामिल अधिकारियों के खिलाफ मामले को कमजोर करने की कोशिश की. साथ ही ईडी ने इस मामले में अग्रिम जमानत में बाहर दो अधिकारियों अनिल कुमार टुटेजा और आलोक शुक्ला पर जांच को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए उनकी जमानत रद्द करने और हिरासत में लेकर पूछताछ की भी मांग की.

रद्द की जाए वरिष्ठ अधिकारियों को दी जमानत

ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि इन दोनों अधिकारियों की जमानत रद्द कर हिरासत में लेकर पूछताछ की मांग की. ईडी ने बताया कि गरिक आपूर्ति निगम के पूर्व एमडी अनिल कुमार टुटेजा और निगम के पूर्व अध्यक्ष आलोक शुक्ला को अगस्त 2020 को हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत दी गई थी. जिसके बाद मामले के अधिकांश गवाह अपने बयान से मुकर गए और कई अधिकारियों को भी धमकियां दी गई. जिसके चलते इनकी जमानत रद्द की जाए क्योंकि यह केस को प्रभावित कर रहे हैं. वहीं, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से ईडी ने कहा कि जमानत पर रहने के दौरान आरोपी न्याय के कारण को कमजोर कर देंगे.

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छत्तीसगढ़ में हुआ पावर का दुरुपयोग

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में ईडी के वकील कानू अग्रवाल ने अपने हलफनामे में कहा कि इस जो सबूत अभी तक सामने आए हैं उससे साफ समझ में आ रहा है कि छत्तीसगढ़ में पावर का दुरुपयोग किया गया है. साथ ही साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ के अलावा गवाहों को प्रभावित करने की भी कोशिश की गई है.

ईडी ने इस मामले में कोर्ट में कई दस्तावेज भी पेश किए. जिसमें मोबाइल मैसेज का ट्रांसक्रिप्शन और फोन है, जिसमें मैसेज में दोनों अधिकारियों के बीच में बातचीत का डेटा है. वहीं, इस मैसेजिंग में यह बात सामने आई है कि ईओडब्ल्यू चीफ, एसीबी के प्रमुख, एक वरिष्ठ कानून अधिकारी, एसआईटी के कुछ सदस्य और सीएम के हस्तक्षेप के बाद इस केस को कमजोर किया गया है और गवाहों को भी धमकाया गया है.

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ये है मामला

बता दें कि छत्तीसगढ़ में 2718 करोड़ रुपये का पीडीएस घोटाल हुआ था. जिसमें 10 लाख फर्जी राशन कार्ड के जरिए चावल बांटा गया था. इस मामले की जांच ईओडब्ल्यू ने शुरू की. इस मामले की जांच के लिए सीएम भूपेश बघेल ने 2019 में अलग एसआईटी की टीम गठित की थी.

 

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